अमृतपुर। क्षेत्र के बाढ़ से घिरे गांवों में जुकाम-बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य टीमें गांव के अंदर न जाकर सड़क किनारे ही दवा वितरण कर फोटो खींच कर चली जाती हैं। बिजली बंद होने से ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। गंगा का जलस्तर 10 सेमी कम होने के बावजूद चेतावनी बिंदु से पांच सेमी ऊपर है।
गंगा व रामगंगा का जलस्तर बुधवार को घटा है। गंगा का जलस्तर 136.75 मीटर से 10 सेमी घटकर 136.65 मीटर पर पहुंच गया है। जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 5 सेमी ऊपर है। नरौरा बांध से गंगा में 62189 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर कम होने से गांव व रास्ते से पानी कम होने लगा है। चित्रकूट की डिप से भी पानी निकल गया है। इससे प्रशासन व ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
स्वास्थ्य विभाग की मनमानी के चलते बाढ़ से घिरे गांवों में शिविर नहीं लगाए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण झोलाछाप से दवा लेने के लिए मजबूर हैं। गांव अम्बरपुर, गाजीपुर, खानपुर, चैनगंज, सुंदरपुर, कछुआ गाढ़ा, सैदापुर, जसूपुर गढ़िया, नगला दुर्गू, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर आदि गांव में ग्रामीण जुकाम, बुखार व खुजली से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के बाहर कुछ देर सड़क किनारे बैठकर दवा बांटते हैं।
कुछ ग्रामीणों के साथ फोटो खींचकर अधिकारियों को खुश करने के लिए ग्रुप पर डाल देते हैं। रास्ते में पानी भरा होने से स्वास्थ्य टीम गांव के अंदर नहीं जा रही हैं। बाढ़ के पानी से घिरे गांव की बिजली बंद कर दिए जाने से ग्रामीण अंधेरे में रात गुजार रहे हैं। खेतों में पानी भरा होने से पशुओं के चारे की भी समस्या हैं। रामगंगा के जलस्तर में भी 15 सेमी की कमी हुई है। जोकि 135.25 मीटर से घटकर 135.10 मीटर पर आ गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 9306 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।