अमृतपुर। रामगंगा के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की कमी आई है। अलादपुर में कटान बढ़ जाने से ग्रामीणों खुद के मकान तोड़ने लगे हैं। दरसअल, कटान से मकान पूरी तरह से अस्तित्व खोज जाता है। ऐसे में ग्रामीण इन्हें तोड़कर ईंटें बचा रहे हैं। अमैयापुर मार्ग पर दो फीट बाढ़ का पानी भरने से वाहनों का निकलना बंद हो गया। इससे लोग परेशान हैं।
रविवार को रामगंगा के जलस्तर में मात्र पांच सेमी. की कमी हुई है। इससे रामगंगा का जलस्तर 137.20 मीटर से घटकर 137.15 मीटर पर है। खो, हरेली, रामनगर बैराज से 17,146 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा के किनारे बसे गांव तेरा अकबरपुर, खुटिया, सिया, सरह, महामदगंज, हुसैनापुर, नवादा, हीरानगर, अमैयापुर, चपरा, भावन, गुड़ेरा, खरगपुर, नहरैया, निसबी, राई आदि के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया। इससे मूंग ,उड़द, तिल, मूंगफली, मक्का की फसल नष्ट हो गई है।
तेरा अकबरपुर के कंपोजिट विद्यालय व स्वास्थ्य उपकेंद्र में पानी भर गया। अमैयापुर जाने वाले मार्ग पर बनी पुलिया के ऊपर करीब दो फीट से अधिक पानी चल रहा है। पानी का तेज बहाव होने के कारण बाइक व छोटे वाहनों का निकलना बंद हो गया। इससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
भावन गुलरिया में करीब 25 घरों में पानी भरा है। इसके बाद भी गांव में लेखपाल ने सुध नहीं ली है। गांव कोला सोता व अलादपुर भटौली में कटान होने से ग्रामीण भयभीत हैं। अलादपुर भटौली के ग्रामीण अपने-अपने मकानों को तोड़ने में लगे हैं। 11 ग्रामीणों के मकान कटान की जद में आ गए हैं। गंगा के जलस्तर में 10 सेमी. की बढोतरी हुई है। गंगा का जलस्तर 135.40 से बढ़कर 135.50 मीटर पर पहुंच गया। नरौरा बांध से 46,458 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा के किनारे बसे गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, करनपुर घाट, सुंदरपुर, तौफिक की मडैया के पास कटान होने से ग्रामीण परेशान हैं।