कायमगंज(फर्रुखाबाद)। दो सहेलियों की मौत के बाद राजनीति जोर-शोर से शुरू हो गई। भाजपा सांसद और विधायक भी पीड़ितों से मिलने पहुंचे। युवती के पिता ने कहा कि वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। बेटियां आत्महत्या नहीं कर सकतीं हैं। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की।
शुक्रवार को भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता, सांसद मुकेश राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव, विधायक डॉ. सुरभि, भोजपुर विधायक नागेंद्र राठौर, पूर्व विधायक अमर सिंह खटिक, डॉ. वीके गंगवार, अमरदीप दीक्षित, श्रीकृष्ण गौतम, विजय गुप्ता, राहुल राजपूत पीड़ित के घर पहुंचे।
एक पंडाल में बैठकर दोनों लड़कियों के पिता से बातचीत की। एक के पिता ने सीधे हत्या का आरोप लगाया। दूसरे ने पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट होना बताया, लेकिन कहा कि वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना था कि लड़कियां आत्महत्या नहीं कर सकती हैं। रिपोर्ट में फंदा लगाकर जान देने की रिपोर्ट उनके गले नहीं उतर रही है।
उन्होंने मामले में सीबीआई जांच कराने की मांग की। जिलाध्यक्ष व सांसद ने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। कहा कि पूरी सरकार उनके साथ है। हर मामले पर बारीकी से जांच कराई जाएगी। सभी नेताओं ने घटनास्थल भी देखा।
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गले नहीं उतर रही पुलिस की कहानी : लुईस
कायमगंज। वहीं, मामले में पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दो को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा भले ही कर दिया है, लेकिन विपक्षी दलों के नेताओं के यह कहानी गले नहीं उतर रही है। इस मामले में पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद ने कहा कि इससे न पीड़ित परिवार संतुष्ट है और न ही उनके समझ में आया है। उन्होंने कहा कि इसमें पुलिस किसी के दबाव में काम कर रही है। पीड़ित परिवार को जब तक पूरी तरह न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगी। इस मामले में उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। (संवाद)
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युवती की मां ने बात करने का आरोपियों से किया था विरोध
फर्रुखाबाद। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि कुछ दिनों पहले युवती की मां को पवन व दीपक के मोबाइल से पुत्री तथा सहेली से बात करने की जानकारी हुई थी। इस पर मां ने दीपक व पवन की दुकान पर जाकर उनको पुत्री व सहेली से बात नहीं करने की हिदायत दी थी। उसके बाद भी दोनों सहेलियों से बात करने का दबाव बना रहे थे। (संवाद)