फर्रुखाबाद। बिजली का उत्पादन कर अब किसान करोड़पति बनेंगे। एक मेगावाट के सोलर प्लांट पर किसानों को 1.55 करोड़ रुपये सरकार अनुदान देगी। लीज पर चार एकड़ भूमि देने पर दो लाख रुपये प्रति वर्ष किसान को किराया मिलेगा।
बिजली की बचत के साथ सरकार सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन को भी बढ़ावा दे रही है। पीएम कुसुम सी-2 योजना के तहत अब बिजली उपकेंद्र के पांच किलोमीटर के दायरे में उतनी ही क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। योजना का उद्देश्य है कि कृषि फीडरों का सौर ऊर्जीकरण कर किसानों की आय में वृद्धि करने के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट चार एकड़ भूमि पर लगेगा। इस पर करीब 4.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें एक करोड़ पांच लाख रुपये केंद्र सरकार सहायता देगी, जबकि 50 लाख रुपये प्रदेश सरकार सब्सिडी के रूप में देगी। इस हिसाब से किसान को प्लांट लगाने में दो करोड़ 95 लाख रुपये खर्च करने होंगे। प्रति वर्ष तीन लाख रुपये रखरखाव पर खर्च होंगे।
सोलर प्लांट से बनने वाली बिजली यूपीपीसीएल 2.99 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदेगी। इस हिसाब से किसान को 31.50 लाख रुपये प्रति वर्ष औसतन लाभ मिलेगा। 25 वर्ष में किसान को 7.87 करोड़ रुपये की आय होगी। बिजली उपकेंद्र से सोलर प्लांट की दूरी जितनी कम होगी, उतना और लाभ बढ़ेगा। यदि किसान सोलर प्लांट लगाने में सक्षम नहीं है तो वह अपनी भूमि 50 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष के हिसाब से लीज पर दे सकते हैं। चार एकड़ भूमि का 26 वर्ष के लिए दो लाख रुपये प्रति वर्ष अनुबंध किया जाएगा। किसान को कुल 52 लाख रुपये आय होगी। (संवाद)
सोलर प्लांट लगाने के लिए 16 बिजली उपकेंद्र चयनित
जनपद में 1.5 मेगावाट से लेकर आठ मेगावाट तक क्षमता के सोलर प्लांट लगाने के लिए 16 बिजली उपकेंद्र चयनित किए गए हैं। इसमें प्रत्येक प्लांट के लिए छह एकड़ से लेकर 32 एकड़ तक भूमि की जरूरत है। बिजली उपकेंद्र भोलेपुर, भूड़ नगरिया, जसमई, कमालगंज, खिमसेपुर, नहरैया, नीबकरोरी द्वितीय, राजेपुर, जरारी, बबना, गुतासी, हजियापुर, नवाबगंज, साहबगंज व शमसाबाद उपकेंद्र से पांच किमी दायरे के अंदर सोलर प्लांट लगाने की योजना है। भूड़नगरिया उपकेंद्र के लिए एक किसान ने अपनी 18 एकड़ भूमि लीज पर देने के लिए प्रस्ताव भी यूपी नेडा को दिया है। अन्य स्थानों के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि जो किसान सोलर प्लांट लगाने या लीज पर भूमि देने के लिए सहमत हों वह अपना प्रस्ताव दे सकते हैं।