संवाद न्यूज एजेंसी
कायमगंज। तेज धूप के साथ गर्मी बढ़ते ही आंखों में दिक्कत के मामले बढ़ने लगे हैं। हवा के साथ उड़ने वाली धूल और छोटे कीड़े परेशानी का सबब बन रहे है। सीएचसी में भी ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों से सावधानी रखने के लिए कहा जा रहा है।
गर्मी की दस्तक शुरू होते ही सीएचसी में आंख के मरीजों की संख्या में बढोतरी हुई है।यहां रोजाना करीब 100 के पार मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें से करीब 40 से 50 मरीज ऐसे हैं, जो आंखों के संक्रमण से पीड़ित हैं। तेज धूप से आंखों में लालपन, खुजली, पानी आने की समस्या बढ़ी है। नेत्र परीक्षक डॉ. आर के चतुर्वेदी ने बताया कि कई बार बाइक चालक आंखों में छोटे कीड़े चले जाने पर उन्हें मसल देते हैं। ऐसे में कीड़े के जहर का अंश आंखों में ही रह जाता है। जो बड़ी समस्या बना देता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। यह भी जरूरी है कि आंख में कुछ चले जाने पर उसे मसले नहीं, बल्कि पानी से धोएं। बिना चिकित्सक की सलाह के आंख में कोई भी दवा न डालें।
यह बरतें सावधानी
- बाइक चलाते समय चश्मा पहनें।
- आंखों को दिन में दो से तीन बार साफ पानी से धोएं।
- आंख में कुछ जाने पर उसे मसलने के वजह पानी से साफ करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के किसी तरह का उपचार न करें।
कंजिक्टवाइटिस के लक्षण
-आखों में दर्द व लालिमा।
-तेज धूप व रोशनी में देखने पर तकलीफ।
-आखों में गंदगी का जमा होना।
-सोने पर पलकें आपस में चिपकना।
डा. आरके चतुर्वेदी ने बताया कि आमतौर पर आंखों में एलर्जी या लालिमा आने पर मरीज मेडिकल स्टोर पर जाता है। कोई भी ड्राप खरीदकर ले आता है। ऐसे ड्राप का लगातार इस्तेमाल करने से आंखों की दिक्कत बढ़ सकती है। चिकित्सक को दिखाने के बाद ही उसकी सलाह पर आई ड्राप का प्रयोग करना चाहिए।