फर्रुखाबाद। सपा की पूर्व विधायक के पुत्र को व्यापारी पर एक करोड़ की रंगदारी की मांग कर गोली मारने की घटना में एडीजे प्रथम विष्णुचंद्र वैश्य ने दोषी करार किया है। दो साथियों के खिलाफ साक्ष्य नहीं होने पर दोषमुक्त कर दिया। पूर्व विधायक का पुत्र चार वर्ष से जेल में बंद है।
कादरीगेट थाना क्षेत्र के बढ़पुर मंदिर के सामने के निवासी प्राइवेट शिक्षक श्रीनिवास कटियार ने एक अगस्त 2019 को शहर कोतवाली के मोहल्ला पलरिया निवासी सपा की पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत के पुत्र पंचशील राजपूत, तिकोना सब्जी मंडी निवासी दीपक गुप्ता व तीन अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि वह एक अगस्त 2019 को पुत्र नीतेश कटियार व मानव कटियार के साथ अपनी भवन निर्माण सामग्री की दुकान पर बैठा था। उसी दौरान यह सभी लोग दुकान पर आए और एक करोड़ की रंगदारी मांगी। श्रीनिवास से रंगदारी देने से मना कर पुलिस से शिकायत करने की बात कही। इस पर यह लोग मारपीट करने लगे। पुत्र नीतेश व मानव ने बीच बचाव करने का प्रयास किया तो पंचशील ने लाइसेंसी रिवाल्वर से फायरिंग कर दी। पुत्रों पर गोली चला दी। इसमें दोनों पुत्र घायल होकर गिर गए। मोहल्ले के लोगों के आ जाने पर यह लोग फायरिंग करते हुए भाग गए। पुलिस ने पंचशील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विवेचक ने पंचशील, अनुज व सुनील के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। पंचशील तभी से जेल में बंद है। सोमवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर पूर्व विधायक के पुत्र पंचशील को दोषी करार किया है। आरोपी अनुज व सुनील के खिलाफ साक्ष्य नहीं होने पर कोर्ट ने दोनों को दोषमुक्त कर दिया। सजा सुनाने के लिए एक अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है।