अमृतपुर। नरौरा बैराज से गंगा में 1.34 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से किनारे बसे गांवों के लोगों में दहशत है। सोमवार को घरों में पानी घुसने की आशंका सताने लगी है। एडीएम ने अफसरों के साथ गांवों का दौरा कर घरों को खाली कर शरणालयों में जाने के निर्देश दिए हैं।
रविवार को गंगा के जलस्तर में पांच सेमी. की कमी आई। गंगा का जलस्तर 136.05 मीटर से कम होकर 136.00 मीटर पर पहुंच गया। नरौरा बांध से 1,34,584 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे सोमवार से गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। गंगा में पानी छोड़े जाने से प्रशासन सतर्क है।
एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति, एसडीएम अतुल कुमार सिंह, तहसीलदार करमवीर सिंह व लेखपाल गंगा के किनारे बसे गांवों में लोगों को जागरूक करने में जुट गए हैं। अफसरों ने घरों को खाली कर बाढ़ शरणालय में जाने को कहा।
एडीएम ने तहसीलदार के साथ बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव दहलिया, बहादुरपुर, भुसेरा, भरखा, सलेमपुर, आंतर, भुड़रा, कछुआ गाढ़ा, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, सवितापुर, सैदापुर आदि का निरीक्षण किया। बाढ़ से होने वाली दिक्कतें पूछीं। अफसरों ने कहा कि पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश हो रही है। लिहाजा गंगा में अधिक पानी छोड़ने का अनुमान है। लिहाजा घरों को खाली कर शरणालयों में सुरक्षित पहुंच जाएं। आदेश मिलते ही लेखपाल रामजी यादव ने सुंदरपुर, नगला दुर्गू, कछुआ गाढ़ा में नाव लगा दी है।
रामगंगा में भी पानी कम होने लगा। जलस्तर 135.00 मीटर से घटकर 134.95 मीटर पर पहुंच गया। खो हरेली रामनगर बैराज से 4319 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। एडीएम ने बताया कि अभी बाढ़ नहीं आई है। गंगा में पानी ज्यादा छोड़े जाने के कारण पहले से तैयारियां पूरी की जा रही हैं। ग्रामीणों को दिक्कतें नहीं होने देंगे।
16 गांव में नाव लगाने के आदेश
अमृतपुर। एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति ने गंगा के किनारे बसे बाढ़ वाले गांव तीसराम की मड़ैया, पूर्वी गौटिया, पंखियन नगला, कुंवरपुरा, सैदापुर, जसूपुर गढ़िया, सुंदरपुर, कछुआ गाढ़ा, नगला दुर्गू, भूड़रा, नगरिया जवाहर, उदयपुर, आशा की मडैया, अम्बरपुर, चित्रकूट, कुंडरी सारंगपुर में नाव लगाने के आदेश एसडीएम को दिए। तहसीलदार करमवीर सिंह ने बताया कि सभी लेखपाल पांचाल घाट से नाव लेने जा रहे हैं। सोमवार तक सभी 16 गांवों में नाव पहुंच जाएगी। (संवाद)
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बढ़ते जलस्तर से ग्रामीण चिंतित, सुरक्षा के इंतजाम नहीं
कंपिल। गंगा में जलस्तर बढ़ने की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं। गंगा किनारे बसे गांव सिंघनपुर, दया माखी, पुंथर के खेत तक पानी आ पहुंचा है। पिछली साल बाढ़ में कई लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर भी न तो बाढ़ चौकी बनाई गई और न ही कंट्रोल रूम। बाढ़ पीड़ितों के रहने का इंतजाम न होने से दिक्कत है। एसडीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। दिक्कत नहीं होने देंगे। (संवाद)