फर्रुखाबाद। जांच में सात में तीन नलकूप फेल मिलने के मामले में डीएम ने कार्यदायी संस्था को काली सूची में डाला गया। ईओ को कार्रदाई संस्था पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश भी दिए, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी संस्था पर कार्रवाई नहीं की गई है।
नगर पालिका ने ऊंचाई पर बसे मोहल्लों में जल संकट से निजात दिलाने के लिए नवंबर 2020 में 10 मिनी नलकूप का ठेका मै. अथर्व इंटरप्राइजेज बजरिया सालिग्राम को दिया था। संस्था ने सिविल लाइंस मढ़ैया, कचहरी, सधवाड़ा, शमशेरखानी, बीबीगंज, बजरिया, कोटा पार्चा, अधइया, डबग्रान मोहल्ले में नलकूपों की स्थापना कराई। इनमें से सात का भुगतान कर दिया गया, जबकि चालू हालत में मात्र सिविल लाइंस मढ़ैया, कचहरी, अधइया और बजरिया का ही था। पानी के लिए परेशान जनता के विरोध के बाद डीएम ने मामला संज्ञान में लिया। इस पर पालिका ने संस्था को आठ नोटिस जारी किए। फिर भी बंद नलकूपों को सही कराने की जरूरत नहीं समझी गई। डीएम ने फरवरी 2023 में संस्था काली सूची में डालकर पांच लाख रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली।
इसमें पालिका ने तीन बंद नलकूपों का संस्था को 15,39,080 रुपये का भुगतान किया था। इसकी रिकवरी करनी थी। अमर उजाला ने 25 अप्रैल के अंक में ढाई माह गुजरे, संस्था पर नहीं कराई रिपोर्ट शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इस पर डीएम संजय कुमार सिंह ने मामला संज्ञान में लिया। उन्होंने कार्यदायी संस्था पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश कर दिए। इसके बाद से पालिका के जिम्मेदारों ने इस फाइल को अपने पास दबा लिया। करीब 15 दिन बीतने के बावजूद मुकदमा दर्ज कराने की जरूरत नहीं समझी गई।
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने रिकवरी और एफआईआर के आदेश दिए हैं। यदि कार्रवाई नहीं हुई है, तो इसको दिखवाकर संबंधित से जवाब मांगा जाएगा।