अमृतपुर। नरौरा बैराज से रविवार से सोमवार तक 24 घंटे में चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर चेतावनी बिंदु से 25 सेमी. दूर रह गया है। गंगा के आसपास बसे 14 से अधिक गांवों में पानी घुसने लगा है। इससे लोगों में दहशत है।
गंगा में नरौरा बैराज से रविवार से सोमवार सुबह तक 24 घंटे में 4,38,844 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। सोमवार सुबह 1.54 लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया। इससे गंगा के जलस्तर में 35 सेमी. की बढ़ोतरी हो गई। जलस्तर 136.00 मीटर से बढ़कर 136.35 मीटर पर पहुंच गया, जबकि चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। मंगलवार सुबह तक चेतावनी बिंदु पार करने की आशंका है।
गंगा का पानी तेजी से गांवों की तरफ बढ़ रहा है। लायलपुर, जोगराजपुर, कुसुमापुर, कुतुलूपुर, सबलपुर, आशा की मडैया, उदयपुर, तीसराम की मडैया, ऊगरपुर, सुंदरपुर, कछुआ गाढ़ा, सैदापुर, करनपुर घाट, कुंडरी सारंगपुर आदि गांवों के पास पानी पहुंच गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर और प्राथमिक विद्यालय जोगराजपुर में पानी पहुंच गया है। पिछली साल बाढ़ में कटी तीसराम की मडैया जाने वाली सड़क पर करीब दो फीट पानी चल रहा है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत है।
रामगंगा का जलस्तर 134.95 मीटर से बढ़कर 135.00 मीटर पर पहुंच गया। खो हरेली रामनगर बैराज से 3,453 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तहसीलदार करमवीर सिंह ने बताया कि बाढ़ से अभी कोई गांव प्रभावित नहीं है। गांव तीसराम की मड़ैया में एक नाव लगा दी है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। शरणालय में आने वाले पीड़ितों के लिए पूरी व्यवस्था है।
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कंपिल क्षेत्र के नौ गांवों में घुसा पानी, फसलें भी नष्ट
कंपिल। गंगा में पानी की हो रही तेजी से बढ़ोतरी की वजह से बाढ़ का पानी गांवों में घुस गया है। अभी तक पलीतपुरा, पथरामई, पुन्थर, हमीरपुर मजरा जाटी, शाहपुर गंगपुर, इकलहरा, मन्तपुरा, जटा, शेखपुर आदि गांव जलमग्न हो गए। गंगा की धार पथरामई गांव के पास से बह रही है। हजारों बीघा खेतों में खड़ी फसलें गंगा में समा गईं। अब घरों की तरफ कटान तेजी से बढ़ रहा है। पिछले साल की बाढ़ में आधा गांव कट चुका है। प्रशासन ने गांव को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया। गंगा में तेजी से पानी बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है।
एसडीएम कायमगंज रविंद्र कुमार का फोन रिसीव नहीं हुआ। नायब तहसीलदार मनीष वर्मा ने बताया कि क्षेत्र के लेखपालों को बाढ़ पीड़ितों की सूची बनाने के आदेश दिए हैं। गांव रौकरी में बनी बाढ़ राहत चौकी पर लोग संपर्क कर सकते हैं। कस्बे में जैन श्वेतांबर मंदिर और बीडीएस इंटर कॉलेज में बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। यहां रहने खाने की व्यवस्था है। (संवाद)