फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे पर किए जा रहे अमानक विद्युतीकरण के मामले को जिलाधिकारी ने संज्ञान में ले लिया है। डीएम के निर्देश पर अधिशासी अभियंता शहरी ने तीन उप खंड अधिकारियों (एसडीओ) को जांच अधिकारी बनाते हुए पोल की ग्राउटिंग की जांच करने के निर्देश दिए हैं। वीडियो व फोटो समेत आख्या मांगी गई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 730 (इटावा-बरेली हाईवे) का निर्माण कार्य चल रहा है। एनएचएआई विद्युतीकरण का कार्य भी करवा रही है। इसकी निगरानी के लिए करीब सवा करोड़ से ज्यादा की धनराशि बिजली विभाग को भी दी गई है। करीब एक माह पहले हुई बरसात में बिजली के पोलों से मिट्टी कटी तो ग्राउटिंग की पोल खुलकर सामने आ गई।
पोलों में ग्राउटिंग मानक के अनुसार नहीं थी। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग को ग्राउटिंग की गहनता से जांच करवाने के आदेश दिए हैं। डीएम के आदेश पर सोमवार को अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) शहरी बृजभान सिंह ने एसडीओ प्रथम, द्वितीय व तृतीय को जांच सौंपी है।
एक्सईएन ने बताया कि तीनों एसडीओ को जांच दी गई है। उनसे कहा गया है कि जनपद फर्रुखाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 730 सी (पैकेज दो) के बेवर से अल्हागंज खंड का निर्माण कार्य चल रहा है। एसडीओ अपने कार्य क्षेत्र (फर्रुखाबाद) में कराए गए विद्युतीकरण की गहनता से जांच करें। अपने क्षेत्र में किसी दो जगह के पोल की ग्राउटिंग को चेक करके आख्या वीडियो व फोटो समेत तीन दिन में उपलब्ध कराने के निदेश दिए। जांच आख्या मिलने पर उसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। किसी भी कीमत पर गलत तरीके से विद्युतीकरण नहीं होने देंगे।