मोहम्मदाबाद। नाली के पानी के निकास को लेकर ड़ेढ़ वर्ष से चल रही पुरानी रंजिश में दो पक्षों ने पथराव कर तीस राउंड फायरिंग की। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर दोनों पक्षों के पुरुष भाग गए। पुलिस ने दोनों पक्षों की सात महिलाओं को पकड़कर शांतिभंग में चालान कर दिया। एक पक्ष ने मारपीट का मुकदमा चंद रोज पहले दर्ज कराया था। पुलिस के कोई कार्रवाई नहीं करने से मामले ने तूल पकड़ लिया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव गढि़या तेरा निवासी मान सिंह व अवधेश का डेढ़ वर्ष से नाली के पानी की निकासी को लेकर विवाद चल रहा है। 29 सितंबर को मानसिंह का भाई संजीव व भतीजा अमित कोल्ड स्टोरेज जा रहे थे। उसी दौरान अवधेश व भाई जगवीर, इंद्रेश, अजय उर्फ दीपू, पुत्र सचिन ने धारदार हथियार से हमला कर दोनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस ने मान सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। मंगलवार को रंजिश में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। गाली-गलौज कर एक दूसरे पर पथराव करने लगे। मारपीट में कई लोग घायल हुए। दोनों पक्षों ने अवैध असलहों से तीस राउंड फायरिंग की। इससे गांव में दहशत फैल गई। गलियों में सन्नाटा पसर गया। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर दोनों पक्षों के पुरुष खेतों की ओर भाग गए। पुलिस ने एक पक्ष से बबली, अलका, उमा, नीलम व दूसरे पक्ष से ऊषा, शिवा व कांति देवी को पकड़ लिया। पुलिस ने सातों महिलाओं का शांतिभंग में चालान कर दिया। कोतवाल अमर पाल सिंह ने बताया कि इस मामले में अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
पुलिस नहीं चेती तो होगी बड़ी घटना
दोनों पक्षों में चल रही रंजिश में मंगलवार को हुई फायरिंग की घटना के बाद भी पुलिस नहीं चेती तो बड़ी घटना होने की आशंका से कोई इन्कार नहीं कर सकता है। फायरिंग में गांव के कई लोग बाल-बाल बच गए। सूत्रों की माने तो पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी पक्ष से सुविधा शुल्क लेकर शांत बैठ गई थी। इसके कारण ही दोनों पक्ष उग्र हैं।