फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल के जिम्मेदारों की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। गुरुवार देर रात एक वृद्ध की मौत हो गई। पुत्र ने ऑक्सीजन न मिलने का आरोप लगाया। हालांकि परिजन शिकायत किए बिना ही शव लेकर घर चले गए।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव झौआ रम्पुरा निवासी दमा पीड़ित सियाराम (75) की गुरुवार सुबह हालत बिगड़ गई। पुत्र जितेंद्र ने दोपहर तीन बजे अस्पताल की इमरजेंसी में पिता को भर्ती कराया।
कुछ देर बाद सियाराम को पुरुष वार्ड के बेड पर शिफ्ट कर दिया गया। उन्हें छोटे सिलिंडर से ऑक्सीजन देनी शुरू कर दी गई। करीब एक घंटे तक सिलिंडर चलने के बाद बंद हो गया। इसके बाद परिजन कई बार ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी को बताने गए, मगर किसी ने नहीं सुनी।
पुत्र जितेंद्र ने बताया कि एक बार एक कर्मचारी आया और उसने सिलिंडर चालू करने की कोशिश की, मगर ऑक्सीजन नहीं चली, तो उसने मास्क मुंह से हटाने की बात कह दी।
इसके बाद कोई देखने नहीं आया। लिहाजा रात करीब साढ़े नौ बजे सियाराम ने दम तोड़ दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। पुत्र ने बताया कि यदि ऑक्सीजन लगातार मिलती, तो पिता की जान बचाई जा सकती थी। परिजन बिना लिखित शिकायत के ही शव लेकर चले गए।
ऑक्सीजन सिलिंडरों की कमी नहीं है। वृद्ध की ऑक्सीजन न लगने से मौत नहीं हुई होगी। इसकी शिकायत नहीं मिली। यदि कोई शिकायत करेगा, तो जांच की जाएगी।
-डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस लोहिया पुरुष अस्पताल।