फर्रुखाबाद। पिछले सप्ताह नाले के पानी से लबालब पालिका का मोहल्ला कांशीराम नगर अब बाढ़ की चपेट में है। घरों में ढाई-ढाई फीट तक पानी भरा है। कुछ गलियों में भी कमर तक पानी भरा है। कई लोग रिश्तेदारों और किराये के मकान में शरण लिए हुए हैं। पेयजल संकट के साथ बिजली आपूर्ति भी ठप है।
गंगा में आई बाढ़ ने करीब 10 किमी दूर शहर के वार्ड 18 कांशीराम नगर (कांशीराम कालोनी) में कहर बरपाना शुरू कर दिया। यहां की आबादी छह हजार से अधिक है। हैंडपंप भी पानी में खड़े हैं। गंदे पानी से होकर लोग मंदिर के पास लगे हैंडपंप से पानी भरने के लिए मजबूर हैं। ऊपरी तीन मंजिलों पर रह रहे लोग कामकाज के लिए पानी से होकर निकल रहे हैं। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है।
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...तो कभी नहीं आता बाढ़ का पानी
नगर पालिका और जिम्मेदार अफसर यदि कुछ संजीदगी दिखाते, तो कभी भी मोहल्ले में बाढ़ का पानी नहीं घुसता। छह माह पहले चिलसरा मार्ग से हैवतपुर गढि़या तिराहे के मार्ग का कांशीरामनगर के सामने के भाग को सीसी से निर्माण किया गया था। इस मार्ग को यदि डेढ़ फीट ऊंचा करके बनवा दिया जाता, तो कभी भी बाढ़ की समस्या नहीं होती। मगर ऐसा नहीं किया गया। इस मार्ग के करीब 200 मीटर निचाई वाले हिस्से से बाढ़ का पानी कांशीराम नगर में उतर जाता है।
एक नलकूप को मिलेगी बिजली आपूर्ति
नगर पालिका जलकल टाउन हाल के जोन प्रभारी उवैश खां ने बताया कि बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता से बात हो गई। उन्होंने बृहस्पतिवार से रोजाना सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक एक नलकूप के लिए बिजली आपूर्ति देने की बात कही है। इससे रोजाना एक बार पानी की आपूर्ति की जाएगी।