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डीपीआरओ पर एडीओ के उत्पीड़न का आरोप

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फर्रुखाबाद। डीपीआरओ पर एडीओ को चार्ज न देकर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है। एडीओ की पत्नी ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर उत्पीड़न बंद कराने व चार्ज दिलाने की मांग की।
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भाऊपुर खुर्द निवासी एडीओ गिरंद वर्मा की पत्नी रत्नेश वर्मा ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में कहा कि तत्कालीन डीपीआरओ ने अधिकार न होने के बावजूद पति को 23 जुलाई 2020 को निलंबित कर दिया था।
हाईकोर्ट से निलंबन आदेश स्थगित कर वेतन व भत्ते देने का आदेश दिया गया। आरोप पत्र का समय से जवाब देने पर पंचायती राज निदेशक ने 17 अगस्त 2022 को कार्रवाई समाप्त कर दी।
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इसके बाद भी डीपीआरओ ने पति को कार्यभार ग्रहण नहीं कराया और अपने कार्यालय में ही संबद्ध कर रखा है। जबकि जिले में एडीओ का एक पद रिक्त है, ग्राम पंचायत अधिकारी को प्रभारी एडीओ बनाया गया है।
इससे पति को सामाजिक उपेेक्षा का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही उनकी बेटी की शादी भी नहीं हो पा रही है। इस संबंध में वह सीडीओ व जिलाधिकारी को भी प्रार्थनापत्र दे चुकी हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
उनके पति को 14 सितंबर को हार्ट अटैक भी पड़ चुका है। जिसे डीपीआरओ फर्जी बता रहे हैं। इस संदर्भ में डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि हार्ट अटैक के बाद डॉक्टर 21 दिन तक बेड रेस्ट बताते हैं।
इस बीच चार्ज देकर काम लेने के दौरान तबियत बिगड़ने पर कौन जिम्मेदारी लेगा। उन्होंने एडीओ से इलाज संबंधी कागज भी मांगे हैं। कहा कि उत्पीड़न करने का आरोप गलत लगाया जा रहा है।
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