फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों की लेटलतीफी मरीजों के लिए मुसीबत बन गई है। बुधवार को सुबह आठ बजे की बजाय सवा 10 बजे के बाद डॉक्टरों का ओपीडी में पहुंचना शुरू हुआ। सुबह आठ बजे पहुंचे मरीजों को तीन-तीन घंटे बाद दवाएं मिल सकीं।
बुधवार सुबह नौ बजे तक अस्पताल की ओपीडी में करीब 55 पर्चा बन चुके थे, मगर डॉक्टरों की सभी कुर्सियां खाली थीं। फिजीशियन डॉ. प्रवीन कुमार, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज पांडेय, आर्थो सर्जन डॉ. रिषिकांत वर्मा व डॉ. नीरज वर्मा, सर्जन अमरनाथ वर्मा के अलावा सभी डॉक्टरों के कमरों के सामने कुछ मरीज खड़े और कुछ फर्श पर बैठे थे।
वीरपाल को कुत्ता काटने के बाद इंजेक्शन लगवाना था। बताया कि डॉक्टर के इंतजार में हैं। वह लिख देंगे, तभी यहां लग सकेगा। हर्ष सिंह चौहान के सीने में दिक्कत थी। कहते हैं कि आठ बजे से खड़ा हूं, नौ बजे तक डॉ. प्रवीन कुमार नहीं आए। जब आएंगे तभी दिखाकर जाऊंगा। करीब सवा 10 बजे सबसे पहले डॉ. प्रवीन कुमार ने पहुंचकर मरीजों को देखना शुरू किया। इसके बाद अन्य डॉक्टर भी आए। पौने 11 बजे के करीब आर्थो सर्जन कमरे में आ सके।
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