फर्रुखाबाद। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकरी डॉ. दलवीर सिंह को बीएसएल लैब में एक कर्मचारी को छोड़ अन्य सभी नदारद मिले। यही नहीं एनआरसी वार्ड में डॉक्टर नहीं थे। सिंक से पानी फैल रहा था। एसएनसीयू के उपस्थिति रजिस्टर पर एक डॉक्टर के 28 अप्रैल के बाद हस्ताक्षर ही नहीं मिले।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दलवीर सिंह ने गुरुवार सुबह करीब 11 बजे लोहिया अस्पताल में बनी बीएसएल लैब का निरीक्षण किया। उन्हें कर्मचारी ट्विंकल गौड़ के अलावा सभी नदारद मिले। एनआरसी में तीन कर्मचारी मौजूद थे, मगर प्रभारी डॉ. विवेक सक्सेना नहीं मिले। यूनिट का आरओ खराब था। सिंक में पानी फैल रहा था। इस पर नाराजगी व्यक्त की।
एसएनसीयू में उपस्थिति रजिस्टर देखा, तो डॉ. शिवाशीष व डॉ. खुशबू के हस्ताक्षर थे, मगर डॉ. सुनील अग्रवाल के 28 अप्रैल से कालम खाली पड़े थे। लोहिया महिला अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान डे (पीएमएसएमए-डे) के कमरे में कोई डॉक्टर नहीं था। जबकि उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर पाए गए। यहां जांचों की इंट्री भी नहीं होती मिली। अल्ट्रासाउंड बंद होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वह अपनी निरीक्षण रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे।