फर्रुखाबाद। निविदा से पहले नलकूप की बोरिंग कराने व स्लुइस वॉल्व लगवाने का मामला जिलाधिकारी (डीएम) ने गंभीरता से लिया है। उनके निर्देश पर पालिका के ईओ को पत्रावली समेत सिटी मजिस्ट्रेट ने तलब कर लिया। इधर, घुमना पर हो रही बोरिंग में रात भर मशीन से सफाई की गई। दिन में काम बंद रहा।
सत्ताधारी पार्टी के कब्जे वाली नगर पालिका में निविदा से पहले 67.41 लाख रुपये के तीन मिनी नलकूपों में एक की बोरिंग पूरी होने, दूसरे पर काम चलने और 13.50 लाख रुपये कीमत का स्लुइस वॉल्व लगवाने का मामला अमर उजाला ने उजागर किया।
यही नहीं जब निविदा निकाली गई, तो काम करवा रही संस्थाओं की ही निविदाएं निकलीं। इससे पालिका के जिम्मेदारों और ठेकेदारों की मिलीभगत उजागर हो गई। इस गंभीर मामले का डीएम ने संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल ने ईओ विनोद कुमार को पत्रावली के साथ तलब कर लिया। उन्होंने पूरे मामले को बारीकी से समझा। कागजों के खिलाड़ियों ने घंटों माथापच्ची में बचाव के उपाय खंगाले।
इधर, घुमना में चल रही बोरिंग पर रातभर मशीन से सफाई का काम किया गया। सुबह आठ बजे के करीब मशीन को बंद कर दिया गया। आसपास के सब्जी, फूल व अन्य दुकानदारों का कहना है कि करीब आठ दिन से दुकानदारी चौपट पड़ी है। ग्राहकों ने आना बंद कर दिया है। इससे बड़ा नुकसान हो रहा है।
सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल ने बताया कि ईओ विनोद कुमार को बुलाकर जानकारी हासिल की गई है। उनसे दोनों मामलों की पत्रावली तलब कर ली गई है। अवलोकन के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
बोरिंग का नहीं मिला कार्यालय आदेश: जेई
नगर पालिका में जलकल के प्रभारी जेई दीपेंद्र कुमार ने बताया कि यदि विभाग बोरिंग करवाएगा, तो काम शुरू होने से पहले उनकी मौजूदगी आवश्यक है। बोरिंग कराने के लिए उन्हें ईओ की ओर से कार्यालय आदेश नहीं मिला। जो भी बोरिंग हो चुकी अथवा हो रही है, उसकी जानकारी नहीं। इन बोरिंग का किसी भी कीमत पर उनकी कलम से भुगतान नहीं होगा। बिना जेई की मौजूदगी में बोरिंग का काम नहीं किया जा सकता।