फर्रुखाबाद। परिषदीय स्कूलों में मिड-डे मील (एमडीएम) को लेकर काफी शिकायतें मिल रहीं हैं। शासन की ओर से इसकी जिम्मेदारी डीएम व एसडीएम को सौंपी गई है। शासन की ओर से जिला स्तर पर जिलाधिकारी और विकास खंड स्तर पर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स बनाकर मिड-डे मील की हकीकत जानने का निर्देश दिए गए हैं।
परिषदीय स्कूलों में मिड-डे मील बांटने में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इन समस्याओं को देखते हुए जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्क टीम का गठन किया जाएगा। प्रेरणा निरीक्षण एप के जरिए माह में पांच विद्यालयों का निरीक्षण कर हकीकत जानी जाएगी।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी टास्क फोर्स में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य/सचिव, जिला पूर्ति अधिकारी, सभी उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला समाज कल्याण अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी शामिल किए गए हैं। वहीं उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी टास्क फोर्स में उप जिलाधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सहायक विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, उपजिलाधिकारी द्वारा नामित अन्य विकास अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक को शामिल किया गया है। इन अधिकारियों को प्रेरणा एप के माध्यम से माह में कम से कम पांच विद्यालयों का निरीक्षण करके मिड डे मील की वास्तविकता और गुणवत्ता की जांच करनी होगी।