फर्रुखाबाद। गंगा की बाढ़ का पानी गांवों में घुसने से ग्रामीणों में बीमारी भी फैल रही है। दाद-खाज व जुकाम-बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग से अभी तक दवाओं का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। स्टोर में भी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
गंगा का जलस्तर बढ़कर चेतावनी बिंदु पार कर चुका है। गांवों में पानी घुस रहा है। बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए जिले में 52 बाढ़ चौकियां बनाई गईं हैं। इन दिनों राजेपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव कछुआ गाढ़ा, सुंदरपुर, बनासीपुर, कोलासोता, कुड़री सारंगपुर, रामप्रसाद नगला, माखन नगला, जटपुरा कैलियाई, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, सबलपुर आदि के ग्रामीण दाद, खाज, जुकाम, बुखार खांसी की चपेट में आ रहे हैं। अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनके हालचाल जानने भी कोई नहीं पहुंचा। बाढ़ चौकियों पर भी कोई कर्मचारी पीड़ितों को राहत देने वाला नहीं है। स्टोर प्रभारी एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव ने बताया कि बाढ़ के दौरान हर वर्ष प्रत्येक बाढ़ चौकी पर 100 पैकेट के हिसाब से करीब 5000 से अधिक दवाई के पैकेट तैयार किए जाते थे। इसमें जुकाम, बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त की दवाई, बैंडेज, दाद-खाज का ट्यूब आदि शामिल था। इस बार सीएमओ कार्यालय से दवाई के पैकेट बनाने के आदेश जारी नहीं किए गए हैं। फिलहाल उन्होंने दवाई उपलब्धता के लिए मांगपत्र भेज दिया है।