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यह है घटनाक्रम
- 3.44 बजे दिनेश ने व्हाट्सएप ग्रुप पर परिवार सहित आत्महत्या का मैसेज किया
- करीब 4 बजे दिनेश ने पुत्र, पुत्री, पत्नी व बहन पर किया हमला
- करीब 5.15 बजे पहुंचे थानाध्यक्ष मनोज भाटी
- करीब 5.45 बजे पहुंची फोरेंसिक टीम
- 6.55 बजे एसपी ने पहुंचकर की जांच
- 7.20 बजे घटनास्थल से गए एसपी
- 7.40 बजे एडिशनल एसपी ने पहुंचकर लिया जायजा
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दिनेश ने ही बुझा दिया अपने घर का चिराग
कमालगंज। कर्ज से परेशान दिनेश ने आपा खोकर अपने पुत्र ओसीएम (3) की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद भी फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। इकलौते बेटे की हत्या कर दिनेश ने अपने ही घर का चिराग बुझा दिया। (संवाद)
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भाई के सिर पर सवार था खून
कमालगंज। दिनेश ने अपने कमरे में बेटे ओसीएम की हत्या करने के बाद पत्नी मीना व पुत्री आंशी पर भी गंडासे से हमला किया। इस पर मीना चिल्लाने लगी। शोरगुल सुनकर पड़ोस के कमरे में सो रही बहन शीतला ने बचाने को दरवाजा खटखटाया तो आवेश में आकर दिनेश ने उस पर भी जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। अस्पताल में भर्ती शीतला ने बताया कि भाई के सिर पर खून सवार था। (संवाद)
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घटना के बाद बाहर से कुंडी बंद कर भागा दिनेश
कमालगंज। पड़ोसी सचिन कुमार ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद दिनेश अपने घर के मुख्य गेट की कुंडी बाहर से बंद कर भाग गया था। घर के कमरे में घायल तड़प रहे थे। इस पर दिनेश का छोटा भाई वीरेश छत पर चढ़कर पड़ोसी के घर से उतर कर बाहर पहुंचा। कुंडी खोलने के बाद वीरेश घायल भाभी मीना को कार से लोहिया अस्पताल ले गया। जबकि ताऊ रामसरन का पुत्र राजवीर ओसीएम को अस्पताल ले गया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। (संवाद)
घटना से परिजन बेहाल, बचीं तीन पुत्रियां
कमालगंज। दिनेश का विवाह हरदोई जिले के बरामऊ गढ़िया गांव निवासी जवर सिंह की पुत्री मीना से हुआ था। दिनेश की एक पुत्र ओसीएम था। जबकि तीन पुत्री प्रानशी (13), आंशी (11) व दिव्या (9) है। बहन रेनू व रीता की शादी हो गई। शीतला अविवाहित है। छोटा भाई वीरेश व उसकी पत्नी मंजू दिनेश के साथ ही रहते हैं। पिता सर्वेश कुमार फर्रुखाबाद के एक शीतगृह में मशीन रूम इंचार्ज की नौकरी करते हैं। घटना के बाद से परिजन रो-रोकर बेहाल हो गए। (संवाद)