कायमगंज/कंपिल (फर्रुखाबाद)। तंबाकू व्यापारियों के चार आवास व प्रतिष्ठानों पर छापा मार कार्रवाई के बाद डीजीजीआई की टीमें रविवार सुबह पांच बजे वापस हो गईं। टीमें कुछ व्यापारियों के यहां से अभिलेख ले गईं हैं। इससे जांच के बाद बड़ी कार्रवाई होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
जनपद संभल के चंदौसी में एक सप्ताह पूर्व तंबाकू से भरे ट्रक पकड़े गए थे। जांच में इनके बिल आदि गड़बड़ मिले थे। इसके बाद से ही कंपिल व कायमगंज के तंबाकू कारोबारी डीजीजीआई के रडार पर थे।
चर्चा है कि मामला फर्रुखाबाद से भी जुड़ा होने के कारण शनिवार को डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) की टीमों ने कायमगंज की नई कालोनी में एटा के अलीगंज निवासी अशोक मौर्य समेत हनी अग्रवाल, पटवन गली निवासी अंकुर अग्रवाल, कंपिल निवासी समाजसेवी पुखराज डागा के यहां एक साथ छापे मारे थे।
इसके बाद टीम कंपिल में पुखराज डागा के गेस्ट हाउस गई थी। पता चला कि पुखराज के यहां से टीम एक बोरे में दस्तावेज भरकर ले गई है। अंकुर अग्रवाल बाहर से लौट नहीं सके। यहां भी टीम ने दस्तावेजों को जब्त किया है। गड़बड़ी मिलने पर कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई होने की आशंका जताई जा रही है। चर्चा है कि पुखराज डागा चंदौली में कारोबारियों के पास जाता था।
मकान मालिक से टीम की हुई नोकझोंक
कायमगंज। अलीगंज निवासी तंबाकू व्यापारी अशोक मौर्य रेलवे रोड स्थित सेवानिवृत्त शिक्षक वीरपाल चौहान के आवास में किराये पर रहते हैं। सुबह वह छोटे बेटे को प्रारंभिक अर्हता परीक्षा दिलाने बदायूं जा रहे थे। तभी टीम ने छापा मारा तो उन्हें भी रोक लिया। उनके मोबाइल जब्त कर लिए।
वीरपाल ने कहा कि वह बेटे को परीक्षा दिलाने जा रहे हैं। टीम उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं हुई। काफी नोकझोंक के बाद उन्होंने बड़े बेटे के साथ छोटे बेटे को परीक्षा दिलाने के लिए भेजा।
वीरपाल चौहान ने बताया कि टीम को यहां से नकदी आदि नहीं मिली। जांच के दौरान टीम कार से प्रिंटर लाई थी। इस पर चर्चा नोट गिनने वाली मशीन की रही। घर में जांच के बाद टीम के कुछ अधिकारी अशोक मौर्य को अलीगंज स्थित गोदाम पर ले गए थे। वहां पर जांच की गई।(संवाद)
तंबाकू कारोबारी के यहां बर्तन व्यापारी के मिले अभिलेख
- शनिवार को डीजीजीआई टीम ने कायमगंज के साथ अलीगंज के तंबाकू व्यापारी के यहां भी छापा मारा था। बताया जा रहा है कि अलीगंज के व्यापारी के यहां छापे के दौरान कायमगंज के एक बर्तन व्यापारी के दस्तावेज मिले। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि अलीगंज का व्यापारी यहां के बर्तन व्यापारी की फर्म का इस्तेमाल कर रहा था या फिर बर्तन व्यापारी भी बिना ई-वे-बिल के अपना माल मंगा रहा है। टीम यह दस्तावेज ले गई है।