फर्रुखाबाद। नोडल अधिकारी ने दूसरे दिन शुक्रवार को दो गोशालाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने सितवनपुर पिथू गोशाला में भूमि उपजाऊ बनाकर चारागाह का विकास करने और गोपालकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
गोवंश संरक्षण के जिला नोडल अधिकारी विशेष सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिवसहाय अवस्थी ने सीडीओ अरविंद कुमार मिश्र के साथ बढ़पुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव बसेली स्थित गोशाला देखी। वहां 125 गोवंश थे। पांच बीघा भूमि पर हरे चारे के साथ गोशाला में 25 क्विंटल भूसा, 10 बोरी दाना, खड़िया, नमक व चूना भी मिला। सर्दी से बचाव के लिए तिरपाल लगा था। गोवंशों को जिला कारागार में बने काऊ कोट भी पहनाए गए हैं। अलाव की व्यवस्था भी मिली। गोशाला में गोबर से वर्मी कंपोस्ट व जीवामृत भी तैयार होता मिला।
इसके बाद नोडल अधिकारी सितवनपुर पिथू गोशाला पहुंचे। वहां 646 गोवंश की देखरेख के लिए 14 गोपालक तैनात हैं। उन्होंने गोपालकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। गोशाला की 40 बीघा भूमि पर बरसीम व 20 बीघा भूमि पर नेपियर घास खड़ी होने से हरे चारे की व्यवस्था पर्याप्त मिली। गोशाला से संबद्ध 500 बीघा चारागाह की भूमि की जानकारी पर उन्होंने भूमि उपजाऊ बनाकर चारागाह का विकास करने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी ने कहा कि गोशालाओं से पड़ोसी ग्राम पंचायतों को भी सहयोग के लिए जोड़ा जाए। इससे व्यवस्थाएं और बेहतर की जा सकती हैं। सीवीओ डाॅ.नीरज कुमार गौतम, डॉ.मनोज शर्मा, बीडीओ टीसी शर्मा, प्रधान आदि मौजूद रहे।
एडीएम से चारागाह की सूची मांगी
नोडल अधिकारी विशेष सचिव शिवसहाय अवस्थी ने सुबह अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि शहर में घूम रहे गाेवशों को अभियान के तहत पकड़वाकर गोशाला में संरक्षित किया जाए। उन्होंने अन्य विभागों के अधिकारियों को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों का समय से निर्वहन करने के निर्देश दिए। विशेष सचिव ने बताया कि उन्होंने एडीएम से जिले में चारागाह की भूमि की सूची ले ली है। अब तक कितनी भूमि पर चारागाह विकसित किए गए, इसकी सूची नहीं दी जा सकी। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम था। बेटे की तबियत खराब हाे जाने से उन्हें दूसरे दिन ही वापस जाना पड़ा। शीघ्र ही दोबारा भ्रमण कार्यक्रम लगेगा।