मनोज चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उसकी तीन बहने हैं। भाई निर्दोष, अमन व मां रामवती रो-रोकर बेहाल हो गईं। अमन ने बताया कि भाई अश्वनी की तीन वर्ष पूर्व हार्टअटैक पड़ने से मौत हो गई थी। मनोज पर हत्या का मुकदमा गांव के ही एक लोगों ने 2016 में दर्ज कराया था। मनोज जमानत पर बाहर था।
इसी मुकदमे को लेकर गांव के लोगों से रंजिश है। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने से विसरा सुरक्षित किया गया है। प्रभारी निरीक्षक अमरपाल सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।