फर्रुखाबाद। एक नवविवाहिता का शव संदिग्ध हालात में कमरे में फंदे पर लटका मिला। सुबह चाचा ससुर के खिड़की से देखने पर जानकारी हुई। पुलिस के सामने खिड़की तोड़कर शव को उतारा गया। घटना की वजह पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। उसने मायके जाने के लिए अपना बैग भी तैयार कर लिया था।
मऊदरवाजा थाने के गांव अर्रापहाड़पुर निवासी पथिक सिंह का छह माह पहले 11 जून को कानपुर के घाटमपुर निवासी राघवेंद्र की बेटी स्नेहा सिंह (26) से विवाह हुआ था। पति-पत्नी में शुरू से ही अनबन चल रही थी। बुधवार शाम स्नेहा अपने कमरे में पांच साल की भतीजी के साथ सो गई। विवाद के चलते पति बाहरी कमरे में सोया था। गुरुवार सुबह चार बजे चाचा ससुर सिंपिल सिंह सब्जी मंडी जाने के लिए उठे। जब वह कमरे के सामने से निकले, तो खिड़की से स्नेहा का शव पंखे के कुंडे पर दुपट्टे से लटका देखा।
इस पर चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने इसकी जानकारी प्रधान को दी। कुछ ही देर में थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम भी पहुंच गई। पुलिस के सामने खिड़की तोड़कर दरवाजे खोले गए। शव को नीचे उतारा गया। घटना के दौरान भतीजी सोती ही रही।
सूचना पर देर शाम मां गुड़िया देवी, छोटा भाई बबुआ, एक अन्य महिला रिश्तेदार के साथ थाने पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। कुछ देर रुकने के बाद परिजन पोस्टमार्टम हाउस चले गए। मां ने बताया कि उनके बेटी ऐसा नहीं कर सकती। बेटी को देखने के बाद ही स्थिति बता सकेंगी। ससुरालियों का कहना है कि स्नेहा ने मायके जाने के लिए अपना बैग भी तैयार कर लिया था। मगर यह घटना क्यों कर ली। यह समझ नहीं आ रहा है।
बुधवार देर शाम तक थाने में होती रही पंचायत
पति-पत्नी में सामंजस्य न होने के चलते बुधवार देर शाम तक स्नेहा और उसका पति पथिक अन्य परिजनों के साथ थाने में बैठे रहे। पुलिस के पूछने पर स्नेहा ने मायके जाने की इच्छा जाहिर की थी। पुलिस ने उसे अपनी तैयारी करके मायके चले जाने की बात कह दी थी। इसी के बाद देर शाम वह ससुराल चली गई थी। रात में यह घटना हो गई।