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Farrukhabad News: पीएसी जवानों की हत्या में डकैत कलुआ के साथी पर दोष सिद्ध

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फर्रुखाबाद। 19 साल पहले कांबिंग के दौरान पीएसी के तीन जवान व ग्रामीण की हत्या के मामले में एंटी डकैती न्यायाधीश ने डकैत कलुआ के साथी को दोषी करार दिया है। सजा सुनाने के लिए 25 जनवरी की तिथि नियत की है। इस दौरान चार सिपाही सहित आठ लोग गोली लगने से घायल हो गए थे।
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11 सितंबर 2005 को कायमगंज कोतवाली के कुआंखेड़ा चौकी इंचार्ज आनंद कुमार सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि वह डकैत कलुआ यादव गैंग की तलाश में कटरी की ओर जा रहे थे। उसी दौरान डकैतों ने हमला कर दिया। गोली लगने से पीएसी के जवान चंद्रपाल सिंह, इशरत अली, दिलीप तिवारी, कंपिल थाना क्षेत्र के गांव इकलहरा निवासी ग्रामीण दृगपाल की मौत हो गई।
पीएसी के सिपाही रमेश यादव, कमलेश दीक्षित, राजेश राठौर, सिपाही प्रकाश यादव व गांव इकलहरा के ग्रामीण सुरेंद्र सिंह, रामनरेश, बदन सिंह, श्रीपाल घायल हो गए थे। विवेचक आदित्य प्रकाश यादव ने जनपद शाहजहांपुर कोतवाली जलालाबाद गांव चचुआपुर निवासी डकैत नरेश धीमर, डकैत कल्लू उर्फ कलुआ, थाना कंपिल के गांव कारव की मड़ैया निवासी विनोद पंडित, राम सिंह, जनपद पीलीभीत थाना बीसलपुर गांव परनियां निवासी देवेंद्र उर्फ फौजी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
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कल्लू उर्फ कलुआ बरेली परिक्षेत्र में मुठभेड़ में मारा गया था। नरेश धीमर का फतेहगढ़ पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था। विनोद पंडित की फाइल अलग कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर डकैत कलुआ के साथी देवेंद्र उर्फ फौजी को दोषी करार किया।
सजा सुनाने के लिए 25 जनवरी की तिथि नियत की है। साक्ष्य के अभाव में राम सिंह को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से हरिनाथ सिंह व संजीव पाल ने दलीलें दीं।
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