फर्रुखाबाद। बसपा नेता व उनके भाई सहित पांच के खिलाफ छिबरामऊ कोतवाली में दर्ज गैंगस्टर के मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट ने डब्बन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
जनपद कन्नौज कोतवाली छिबरामऊ में तत्कालीन इंस्पेक्टर जे पी शर्मा ने 11 नंवबर 2022 को फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ अनुपम दुबे, भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन, छिबरामऊ कोतवाली के गांव रामपुर बैजू निवासी रत्नेश दुबे, सुमित दुबे, अमित दुबे के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की विवेचना विशुनगढ़ एसओ किशन पाल सिंह कर रहे है।
बसपा नेता अनुपम दुबे मैनपुरी जेल में निरुद्ध है। रत्नेश दुबे भी कन्नौज की जेल में बंद है। अनुराग दुबे उर्फ डब्बन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी पर रोक को लेकर याचिका दायर की गई थी। उनके वकील अभिषेक चौधरी व सर्वानंद दुबे ने कोर्ट में बहस की। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद अनुराग दुबे उर्फ डब्बन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।