फर्रुखाबाद। टेंडर खोले बिना लगाए जा रहे मिनी नलकूप की वजह से घुमना के फूल विक्रेताओं के सामने 20 दिन से रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सावन नजदीक होने के बावजूद तीन प्राचीन मंदिरों का रास्ता बंद है। सभासद भी इसका कड़ा विरोध कर चुके हैं। दुकानदारों ने ईओ का घेराव कर नियम विरुद्ध हो रही बोरिंग की मशीन हटाने की मांग की। ईओ ने शीघ्र ही मशीन हटाने का आश्वासन दिया।
नगर पालिका परिषद में टेंडर खोले बिना ही तीन नलकूपों में से गणेश प्रसाद स्ट्रीट में बोरिंग का काम पूरा करने और घुमना फूलमंडी में 20 दिन पहले मशीन लगाकर काम शुरू करने से दुकानदारों की रोटी-रोटी छिन गई। अमर उजाला ने भ्रष्टाचार का यह मामला उजागर किया, तो जिम्मेदारों में खलबली मच गई।
इधर, घुमना स्थित सब्जी, फूल दुकानदारों की रोजी-रोटी बंद हो गई। यही नहीं प्रसिद्ध कोतवालेश्वर मंदिर, रामदरबार बालाजी मंदिर जाने वाले भक्तों का रास्ता भी बंद हो गया। सभासद अतुल शंकर दुबे ने दुकानदारों के साथ रविवार को मशीन के पास पहुंचकर ठेकेदार को खरी-खोटी सुनाई थी। उन्होंने नियम के खिलाफ हो रही बोरिंग को शीघ्र बंद करने की मांग की।
बृहस्पतिवार को संजय रस्तोगी, ईशू गुप्ता, राजा व संजू फूलवाले, नसीम, वसीम सब्जी विक्रेता समेत करीब 15 लोगों ने अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार का घेराव कर लिया। परेशान लोगों ने ईओ को जमकर खरीखोटी सुनाईं। उन्होंने कहा कि टेंडर खोलने से पहले ही बोरिंग करना बड़ा भ्रष्टाचार है। इतनी बड़ी मशीनें चलने के बावजूद ईओ को जानकारी न होना हास्यास्पद है। यदि नियम के खिलाफ काम हो रहा था, तो संबंधित ठेकेदार पर मुकदमा किया जाना चाहिए। दुकानदारों की दिक्कतों को देखते हुए तुरंत काम बंद कराने की मांग की।
ईओ ने लोगों को आश्वस्त किया कि ठेकेदार से बात हो गई है। शीघ्र ही मशीन हटाकर गड्ढों पर आरसीसी की मरम्मत कर दी जाएगी। लोगों ने कहा कि यदि मशीन न हटी तो वह आंदोलन करेंगे।