आखत डालने की बात पूछने पर एक जाति विशेष पर टिप्पणी को लेकर हुए विवाद के
बाद दबंगाें ने युवक को दिनदहाड़े पीट-पीटकर मार डाला। सूचना के एक घंटे
बाद पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। पुलिस ने शव को लोहिया अस्पताल भेज
दिया।
थाना मऊदरवाजा के गांव नगला कलार निवासी प्रेमकुमार उर्फ भूरे
शाक्य (30) पुत्र छोटेलाल सोमवार की दोपहर करीब 1 बजे गांव में ही
नरेशचंद्र शर्मा की परचून दुकान से तंबाकू लेने के लिए गया था। यहां गांव
के ही शिवराज सिंह यादव खड़े हुए थे। नरेश तंबाकू लेकर अपने घर की ओर जाने
लगा तो शिवराज सिंह ने उससे इस बार होली में आखत डालने के बारे में पूछा।
इस पर प्रेम ने कहा कि उनके लोगों ने पहले से ही होली की जगह घेर रखी है।
जहां सब लोग आखत डालेंगे, वह
भी वहीं डालेंगे। इसको लेकर इनके बीच विवाद
होने लगा। कहासुनी बढ़ने पर शिवराज ने नरेशचंद्र की दुकान से लाठी उठा ली
और प्रेमकुमार को दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया। प्रेमकुमार जान
बचाने के लिए घर की ओर भागा तो यहां भी हमलावर पहुंच गया। हमलावर ने प्रेम
को उसके घर के पास भी पीटा। बचाने आए पिता और भाई को भी इन्हाेंने जमकर
पीटा। दबंगों का इलाके में इतना खौफ था कि किसी ने भी युवक को बचाने का
साहस नहीं दिखाया। प्रेमकुमार को
अधमरा करने के बाद आरोपी जानमाल की धमकी
देकर भाग गए। घायल को परिजन लोहिया अस्पताल लेकर आए। यहां पर मौजूद डाक्टर
ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलने पर सीओ सिटी वाईपी सिंह, एसओ
सुनील यादव, एसएसआई हरिशचंद्र समेत फोर्स मौके पर जा पहुंचा। पुलिस ने
मामले की जांच पड़ताल की। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में छापेमारी की लेकिन
कोई आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं लगा। मृतक के परिजनों का कहना था कि शिवराज
सिंह के
अलावा दो अन्य हमलावरों ने लाठियाें से पीट कर हत्या कर दी। गांव
नगला कलार निवासी मृतक के पिता छोटेलाल ने गांव के ही हत्यारोपी शिवराज
सिंह यादव, उसके पिता रतीराम और चाचा प्रकाश यादव के खिलाफ हत्या की
रिपोर्ट दर्ज कराई है। छोटेलाल का कहना है कि उसका बेटा एक पैर से विकलांग
था।
तीन वर्ष पहले एक भाई की हो चुकी हत्या
प्रेमकुमार के
भाई मोहनलाल की तीन वर्ष पहले शिवराज सिंह के परिजनों ने हत्या कर दी थी।
इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी लेकिन दवाब पड़ने के बाद दोनों के बीच
समझौता हो गया था।