विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश शिव सिंह यादव ने लूट के मुकदमे के दो आरोपियों को दोषी पाकर दस-दस साल की सजा सुनाई है। जहानगंज के गांव पतौंजा निवासी योगेश कुमार गुप्ता 5 जून 2002 को बाइक से फतेहगढ़ से देर शाम घर लौट रहे थे। रास्ते में दो लोगों ने तमंचे के बल पर रोक लिया और सोने की चेन, अंगूठी व 3500 रुपये नगद लूट लिए थे। इसकी रिपोर्ट योगेश कुमार गुप्ता ने दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर जहानगंज कसबा निवासी परशुराम उर्फ पंजाबी और गांव माडल शंकरपुर निवासी बलराम उर्फ मझले के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीकिशोर मिश्रा ने दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने दोनों आरोपी को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।अपर जिला जज बलजोर सिंह ने मादक पदार्थ मुकदमे के आरोपी को दोषी पाकर आठ माह की सजा और जुर्माने से दंडित किया है। शहर के मोहल्ला नरकसा निवासी सूरज पाल के पुत्र चंद्रपाल को दरोगा मेघनाथ ने 18 जनवरी 2016 को लाल दरवाजे के नजदीक गिरफ्तार किया था। इसके पास से नाइट्राजापाम पाउडर बरामद हुआ। दरोगा ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचक ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
मोहम्मदाबाद के गांव भरतपुर रसूलपुर निवासी राकेश ने गांव के गोविंद, अजय, देवेन्द्र और सुखराम के खिलाफ अदालत में परिवाद दर्ज कराया था। आरोप है कि पुरानी रंजिश में 7 अप्रैल को सभी आरोपी घर पर आए और गाली देने लगे। विरोध करने पर मारपीट करनी शुरू कर दी। जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित और दो गवाहों ने अदालत में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराए। सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चारों आरोपियों को कोर्ट में तलब किया है। आरोपियों के खिलाफ समन जारी किए गए हैं।