फास्ट ट्रेक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश ने गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में सगे दो भाइयों को दोषी करार दिया है। इनको अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया है। मुकदमे के दो अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया है।
गांव हकीकतपुर निवासी लाल सिंह के घर में 11 जुलाई 2011 को गांव के रजनेश, इनका भाई हरश्याम, इनके पिता रामदास व ममता देवी पत्नी हरश्याम लाठी डंडा व टकोरा लेकर घर घुस गए थे। पुरानी रंजिश में लेकर लाल सिंह के पिता विश्राम सिंह, परिवार की सुनीला देवी और मुनेंद्र को मारपीट कर घायल किया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए थे।
मारपीट में विश्राम सिंह के अधिक चोर्टें आइं। उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। लाल सिंह ने रजनेश, हरश्याम, रामदास और ममता देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच पड़ताल कर विवेचक ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने रजनेश और हरिश्याम को गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया। आरोपी रामदास और ममता देवी को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है।
थाना मेरापुर क्षेत्र की रहने वाली महिला की शिकायत पर एसपी ने एसओ को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। दिए गए पत्र में कहा कि गांव के ही कुछ लोगों ने उसके खेत की मेड़ तोड़कर अपने खेत में मिला लिया था। इसकी जानकारी पर जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने महिला के साथ अश्लील हरकतें के साथ ही कपड़े फाड़ दिए थे।
कोर्ट के आदेश पर मामला पुलिस ने दर्ज किया लेकिन इसके बाद पुलिस ने राजनैतिक दबाव में उसमें एफआर लगा दी। इसकी शिकायत पर उसकी दोबारा विवेचना शुरू हो गई। पीड़िता ने बताया कि 29 दिसंबर को जब वह खेत पर गई तो दंबगों ने गालीगलौज कर जानमाल की धमकी दी। बेटी और बेटे को भी पीट दिया गया।
फर्रुखाबाद। शहर कोतवाली के मोहल्ला पक्कापुल निवासी अहमद हुसैन रविवार को कमालगंज से टेंपो लेकर आ रहा था। जब वह मिलेट्री चौराहा के पास से गुजर रहा था। उसी समय सचिन और कल्लू ने उसे रोक लिया और गालीगलौज कर मारपीट कर दी। मारपीट करने के बाद आरोपी धमकी दे गए। पीड़ित की शिकायत पर एनसीआर दर्ज कर ली।