बिना बताए खेत से बालू का खनन करने से रोकने पर खेत मालिक व व्यापारी
नेता के भाई पर दबंगों ने जायज, नाजायज असलहों से खेत मालिक पर फायरिंग कर
दी। दबंग पकड़े गए ट्रैक्टरों को भी छुड़ा ले गए। खेत मालिक ने कई बार
अधिकारियों को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बावजूद सवा घंटे बाद कंपिल
और कायमगंज पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक खनन माफिया भाग चुके थे।
क्षेत्र
में बालू और मिट्टी का खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं । यह लोगों के
खेतों से दबंगई के जोर पर बिना पूछे ही मिट्टी और बालू का खनन कर रहे हैं।
इसकी जानकारी स्थानीय शासन-प्रशासन को भी है लेकिन ये अंजान बने हैं। इनकी
दबंगई का उदाहरण शुक्रवार को सबके सामने आ गया। व्यापार मंडल कंछल गुट के
प्रदेश मंत्री पवन गुप्ता के पैतृक गांव नसरुल्लापुर में उनके खेत से कुछ
दिनों से बालू खनन हो रहा है। जानकारी पर इनके भाई गायत्री परिवार के
अध्यक्ष सुरेंद्र
गुप्ता वहां पहुंचे। ग्रामीणों की जानकारी पर वह खेत पर
गए। यहां तीन ट्रैक्टरों में बालू भरी जा रही थी। उन्होंने रोका तो बालू भर
रहे श्रमिक भाग निकले। सुरेंद्र ने तुरंत फोन कर अपने परिजनों को जानकारी
दी। इस पर पवन गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, भुरू शुक्ला, मनोज कौशल, विनोद
गंगवार, नरेंद्र गुप्ता और वीरेंद्र गुप्ता गांव पहुंच गए। सुरेंद्र गुप्ता
ने एसडीएम को फोन कर
तीन ट्रैैक्टर पकड़ने और बालू का खनन होने की जानकारी
दी। इन्हाेंने पुलिस को मौके पर भेजने की गुजारिश की। यह वहीं खड़े होकर
पुलिस का इंतजार करने लगे। पुलिस तो आधे घंटे तक नहीं आई लेकिन आसपास के
गांव के लोग हाथों में जायज, नाजायज असलहे लेकर आ गए। इन्होंने सुरेंद्र
गुप्ता आदि को गालीगलौज करते हुए हवा में फायरिंग करनी शुरू
कर दी। यह दहशत
फैलाकर ट्रैक्टर ले गए। इस दौरान सुरेंद्र आदि ने चुप रहने में ही भलाई
समझी। लगभग सवा घंटे बाद कायमगंज कोतवाली से एसआई मेघनाथ सिंह और एसआई
रामनरेश पुलिस बल के साथ पहुंचे। उनके आने के आधे घंटे बाद कंपिल एसओ
कुलदीप दीक्षित पुलिस बल के साथ आए। सुरेंद्र गुप्ता ने उन्हें घटना की
जानकारी दी। घटना स्थल कंपिल
थाने का होने से संबंधित एसओ से दबंगों की
दबंगई, महिलाओं के साथ अभद्रता आदि शिकायतें की गईं। एसओ ने व्यापारियों को
भरोसा दिया तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। गायत्री सेवा
समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने अजीजपुर निवासी अमीन पुत्र मुकेश यादव
और 8-10 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ कंपिल थाने में खेत से बालू चुराने और
मना करने पर फायरिंग कर धमकाने का मुकदमा दर्ज कराया है।
तालाबों में तब्दील किए खेत
जब चाहे जिसके खेत में गड्ढा कर माफिया खनन कराने में लगे हैं।
नसरुल्लापुर गांव गंगा के किनारे होने के कारण यहां के हर खेत में बालू है।
शहर और सड़क से दूर कटरी में सुनसान का लाभ उठाकर खनन माफिया सारे दिन
यहां ट्रैक्टरों में खनन करा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव
में एक जाति विशेष का कोई घर न होने के कारण खनन
माफिया उन्हें धमका कर
उनके खेतों से जबरन बालू भर ले जाते हैं। गांव के रामप्रकाश जाटव ने बताया
कि उनके आठ बीघा खेत से बालू भर कर दबंगों ने उसे तालाब बना दिया है। यही
नहीं खनन से गांव को आने जाने का रास्ता तक कट चुका है। बताया कि हर साल
उनके गांव में बाढ़ का पानी घुस आता है। इस बार बाढ़ के दिनों में चारों ओर
बन गए तालाबों के कारण लोगों का अपने खेतों तक पहुंचना भी दूभर हो जाएगा।