फर्रुखाबाद। कमालगंज थाना क्षेत्र के नसरतपुर गांव में 19 दिन पहले डकैती डालने वाले कच्छा-बनियान गिरोह के फरार चल रहे तीन आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से जेवर, तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं। इस गिरोह के पांच सदस्यों को दो दिन पहले कन्नौज पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। एसपी के आदेश पर लूट में दर्ज की गई रिपोर्ट को डकैती में तरमीम कर दी गई है।
कमालगंज के नसरतपुर गांव निवासी रामऔतार यादव के घर में 3 अगस्त की रात को कच्छा-बनियान गिरोह के सदस्य घुस गए थे। गिरोह के सदस्यों ने रामऔतार, उनकी पत्नी और पुत्र को मारपीट कर घायल कर दिया था। इसके बाद जेवर और करीब 2.50 लाख रुपये लूट ले गए थे। इसके बाद इसी गांव में बदमाशों ने दूसरे के घर में डकैती डालने का प्रयास किया था। इस प्रयास मेें गिरोह के सदस्यों ने एक युवक को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
घटना को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्य फरार हो गए। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आईजी ने कन्नौज और फर्रुखाबाद पुलिस को आरोपियों को पकड़कर घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए थे। कन्नौज पुलिस ने दो दिन पहले पांच आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। इस दौरान तीन सदस्य पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे। फरार सदस्यों को कमालगंज थानाध्यक्ष और स्वाट टीम प्रभारी ने मुखबिर की सूचना पर हुसैनपुर रोड रेलवे पुल से चंद कदमों की दूरी पर शनिवार की रात पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया।
एसपी राजेश कृष्ण ने रविवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता में बताया कि बदायूं जिले के थाना कादरचौक के गांव रमजानपुर निवासी सदीक, थाना अलापुर के गांव इटौलिया ककराला निवासी साकिर शाह और बरेली जिले के कस्बा व थाना सिरौली निवासी वसीम उर्फ आसिफ को गिरफ्तार किया गया है। यह कच्छा-बनियान गिरोह के सदस्य हैं। जो फरार चल रहे थे। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान एक जोड़ी सोने के कुंडल, एक नाक का फूल, एक जोड़ी चांदी की पायल, दो तमंचा, दो कारतूस खोखा और तीन कारतूस व 400 रुपये नकद बरामद हुए हैं। इनके खिलाफ कंपिल, पटियाली, गंजडुडवारा थानों में मुकदमा दर्ज है। इस दौरान एसीपी अशोक कुमार, सीओ अमृतपुर देवेंद्र कुमार, एसओ कमालगंज अजय चौहान मौजूद रहे।
पुलिस अधीक्षक राजेश कृष्ण ने पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता में बताया कि घुमंतु जाति के लोग बहुत चालक किस्म के होते हैं। यह लोग क्षेत्र का चयन कर पहले डेरा डालते हैं। इसके बाद वहां तीन चार माह रहने के बाद कुछ घरों पर नजर रखते हैं। इसके बाद लूट, डकैती जैसी घटनाओं को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। इसके बाद वह दूसरी जगह डेरा डाल कर जाति बदल कर रहने लगते हैं। जिन तीन युवकों को पकड़ा है। उन युवकों ने छहमार जाति बताई है। इससे पहले इन लोगों ने अपनी जाति कलंदर व सकीट बताई थी। कमालगंज के नसरतपुर में डकैती की घटना को अंजाम देने के चार माह पूर्व इन आरोपियों ने अन्य साथियों के साथ डेरा डाला था। घटना घटित होने के बाद यह लोग फरार हो गए थे। कच्छा बनियार गिरोह के यह सदस्य कभी एक स्थान पर छह माह से अधिक समय के लिए नहीं रुकते हैं।