फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी अनुराग पटेल सोमवार को उस समय दंग रह गए, जब फतेहगढ़ सेंट्रल जेल से एक कैदी उनसे मोबाइल पर बतियाने लगा। डीएम ने तुरंत जेल अधीक्षक वेद प्रकाश को फोन लगाकर उनसे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल दागे तो खलबली मच गई। आनन-फानन तलाशी हुई तो कैदी के पास मोबाइल मिल गया। इस पर दो बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया गया।
जिला बांदा के रहने वाले कैदी रामनरायन गुप्ता ने सोमवार को डीएम से मोबाइल फोन पर शिकायत की कि उसका इलाज नहीं कराया जा रहा है। डीएम सन्न रह गए कि कैदी के पास मोबाइल है। उन्होंने तुरंत जेल अधीक्षक से बात की। सूत्रों के मुताबिक जेल अधीक्षक ने तलाश कराई तो कैदी के पास मोबाइल मिल गया। इस पर जेल प्रशासन ने उस बैरक की सुरक्षा में लगे बंदी रक्षक संजय सारस्वत और मोहम्मद मोईन को निलंबित कर दिया।
इस बाबत जेलर सुनीत कुमार ने पूरे घटनाक्रम पर लीपापोती की। उन्होंने बताया कि कैदी के किसी मिलने वाले ने मोबाइल से शिकायत की थी। उसके पास मोबाइल नहीं मिला है। दोनों बंदी रक्षकों को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। डीएम का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। मालूम हो कि इससे पहले भी कैदी अपने इलाज के लिए अफसरों को पत्र भेजकर गुहार लगा चुके हैं।