बाग लकूला में गमादेवी मंदिर के पास चारपाई पर सो रहे हिस्ट्रीशीटर को
सोमवार की रात हमलावरों ने गोली मार दी। गोली लगने के बाद वह लहूलुहान हालत
में लड़खड़ाता हुआ घर पहुंचा। उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां से उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिवार
के लोग शव को लेकर अस्पताल आ गए। मृतक
की पत्नी ने पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष
समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने बसपा नेता समेत तीन को
हिरासत में ले लिया है। वारदात के पीछे जमीन की रंजिश बताई जा रही है। मोहल्ला
बाग लकूला निवासी हिस्ट्रीशीटर अजयपाल सिंह गौर सोमवार की रात घर से कुछ
ही दूरी पर गमादेवी मंदिर के पास चारपाई पर लेटा था। रात करीब एक बजे
हमलावरों ने इस पर तमंचों से दो फायर किए। एक गोली अजय पाल के सीने में लगी
तो दूसरी कमर को रगड़ती हुए निकल गई। गोली लगते ही अजयपाल लहूलुहान
हड़बड़ाकर उठा और लड़खड़ाते हुए घर की तरफ भागा। उसकी आवाज सुनकर पत्नी
गुड्डीदेवी व परिवार के अन्य लोग आ गए। परिजन उसे लेकर लोहिया अस्पताल
पहुंचे। यहां से उसे कानपुर
रेफर कर दिया गया। परिवार के लोग उसे कानपुर ले
जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिवार के लोग
शव लेकर
अस्पताल आ गए। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल शिवमोहन सिंह फोर्स के साथ मौके
पर पहुंचे और घटना की जानकारी परिजनों से ली। परिजनों के बताने पर पुलिस ने
बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रताप नरायन, इनके बैंक कर्मी भाई
सुभाषचंद्र
और बाग लकूला निवासी महेंद्र शाक्य को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया।
पत्नी गुड्डीदेवी ने पकड़े गए आरोपियों के अलावा बसपा नेता के बेटे पवन के
खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोपियों से जमीन को लेकर रंजिश
हिस्ट्रीशीटर
की हत्या में जमीन की रंजिश सामने आई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर
रही है। कोतवाल का कहना था कि घटना की जांच के बाद ही आरोपियों का चालान
किया जाएगा। मोहल्ला लालदरवाजा निवासी बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष
प्रतापनरायन की जमीन शहर के बाग लकूला में है। इसके पास में ही कई वर्ष
पुराना गमादेवी का मंदिर है।
इसकी देखरेख अजयपाल सिंह कर रहा था। बसपा नेता
का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। मृतक के
परिवार वालों ने बताया कि मंदिर ग्राम समाज की जमीन पर है। इसकी देखभाल
अजयपाल लंबे समय से कर रहा था। इसको लेकर दोनों में मुकदमेबाजी भी चल रही
थी।
चोरी से जरायम की दुनिया में रखा था कदम
हिस्ट्रीशीटर
अजय पाल ने जहानगंज में चोरी से जुर्म की दुनिया में कदम रखा था। इसके
खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज हैं। मोहल्ला बाग लकूला निवासी अजयपाल सिंह
गौर मूल रूप से थाना जहानगंज के गांव रतनपुर का रहने वाला था। वह 12 साल
से बाग लकूला में रह रहा था। उसने सबसे पहले जहानगंज में वर्ष 1990 में
इलाके में चोरी की थी। इसके बाद इसी
साल जानलेवा हमले की घटना की। वर्ष
1991 में जहानगंज में चोरी की। इसी वर्ष उसके खिलाफ चोरी, गालीगलौज कर
मारपीट और जानमाल की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज की गई। 1993 में पुलिस ने
गुंडाएक्ट की कार्रवाई की। 1994 में पुलिस ने उसे तमंचा में गिरफ्तार किया।
1996-1997 में फिर से गुंडाएक्ट की कार्रवाई की गई। 2000 में पुलिस ने
तमंचा
में बंद किया और फिर मिनी गुंडाएक्ट लगा। 2001 में थाना मऊदरवाजा
इलाके में लूट की। इसमें गिरफ्तारी पर माल भी बरामद कर लिया गया। इसी वर्ष
इसने चोरी की। इसी साल लूट के साथ ही हत्या की घटना को अंजाम दिया। पुलिस
ने उसे तमंचा में गिरफ्तार कर लिया। 2003 में मादक पदार्थ रखने और 2004 में
शराब में गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2007
में गुंडाएक्ट, 2008 में मादक
पदार्थ की तस्करी और दो बार शराब बेचने में गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2009
में मादक पदार्थ बेचने में पुलिस ने पकड़ा था। इसी साल गुंडाएक्ट और 110 जी
की कार्रवाई की गई थी।
छह साल से पशुओं का कर रहा था व्यापार
अजयपाल
ने वर्ष 2009 से जुर्म से तौबा करने के बाद पशुओं का व्यापार करना शुरू
कर दिया था। उसके तीन लड़की और एक बेटा है। बताया गया कि कुछ समय के लिए वह
पुलिस का मुखबिर भी बन गया था। उसके पुलिस के कई लोगों से अच्छे संबंध हो
गए थे।
आरोपी के घर पर तोड़फोड़
अजयपाल की हत्या के बाद आक्रोशित
मोहल्ले और परिवार के लोगों ने मंगलवार की सुबह करीब 5.30 बजे पास में ही
रहने वाले आरोपी महेंद्र शाक्य के घर पर धावा बोल दिया। इस दौरान हमलावरों
ने महेंद्र के घर पर तोड़फोड़ कर दी। हंगामा होता देखकर परिवार के लोगों ने
भाग कर अपनी जान बचाई। परिजनों का कहना था कि हमलावरों ने उनके यहां रखी
टीवी, स्टेबलाइजर, कुर्सियां और अन्य सामान तोड़ दिया।