मोहम्मदाबाद/जहानगंज। बरेली-इटावा हाईवे पर शुक्रवार को दोपहर ढाई बजे तेज रफ्तार वैन ने साइकिल सवार दुकानदार को रौंद दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक आश्रितो को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस ने जबरन जाम खुलवाने की कोशिश की तो पथराव किया। ग्रामीणों ने एक दरोगा और सिपाही पर वैन चालक को भगा देने का भी आरोप लगाया। मौके पर पहुंचे एसडीएम के मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने करीब पौने दो घंटे बाद जाम खोल दिया।
जहानगंज थाने के गांव बिढवल निवासी राजेश दुबे उर्फ राजू (45) पुत्र लालाराम की गांव में परचून की दुकान है। शुक्रवार को दोपहर पौने तीन बजे वह फर्रुखाबाद से परचूनी का सामान लेकर साइकिल से घर लौट रहे थे। इटावा-बरेली हाईवे पर जैतपुर मुरास गांव के बीच मोहम्मदाबाद की ओर से जा रही एक वैन ने साइकिल में टक्कर मार दी। वैन की रफ्तार इतनी तेज थी कि राजेश उसमें फंसकर काफी दूर तक घिसटते चले गए। राजेश की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसा देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और यूपी 100 पुलिस को फोन किया पर पुलिस नहीं पहुंची। इससे शव काफी देर तक वहीं रहा। इससे भड़के ग्रामीणों ने रोड पर आड़ा तिरछा ट्रक खड़ा कर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के तत्काल बाद वहां से निकल रहे मेडिकल कालेज के चौकी इंचार्ज संजय यादव व सिपाही संतोष यादव ने हादसे के जिम्मेदार वैन चालक को ले-देकर वहां से भगा दिया। जाम की सूचना पर इंस्पेक्टर संजीव राठौर, एसओ जहानगंज नरेंद्र प्रताप पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने जबरन जाम खुलवाने के लिए लाठियां पटकीं तो भीड़ ने नारेबाजी करते हुए पथराव शुरू कर दिया। इस पर पुलिस बैक फुट पर आ गई। बवाल बढ़ने पर सीओ मोहम्मदाबाद उमेश शर्मा व एसडीएम सदर रमेश चंद्र यादव मौके पर पहुंचे। परिजनों से बातचीत की। मृतक को किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद, 30 हजार रुपये राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर पौने पांच बजे जाम खोल गया। जाम के दौरान छोटे वाहन दूसरे रास्तों से आते-जाते रहे।