राम मनोहर लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में सपा नेता ने चिकित्सक की
पिटाई कर दी। इससे गुस्साए चिकित्सकों एवं चिकित्साकर्मियों ने हड़ताल कर
दिया। मौके पर पहुंचे अफसरों ने समझा बुझाकर काम शुरू कराया। चिकित्सक की
तहरीर पर पुलिस ने सपा नेता एवं उसके 8-10 समर्थकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
कर लिया है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव ईशेपुर निवासी पूजा पत्नी
छविराम उर्फ चेनू कठेरिया गुरुवार की रात कुप्पी गिरने से गंभीर रूप से
झुलस गई थी परिसर शुक्रवार सुबह करीब 8.30 बजे उसे लोहिया अस्पताल पहुंचे।
इस बीच उसे भर्ती कराने के लिए फतेहगढ़ के मोहल्ला भोलेपुर निवासी सपा
जिला कार्यकारिणी सदस्य आदित्य राठौर उर्फ एके अपने समर्थकों के साथ
इमरजेंसी में पहुंचे। यहां इमरजेंसी में तैनात डा. राजेश तिवारी से सपा
नेता का विवाद हो गया। आरोप है कि सपा नेता के
प्राइवेट सुरक्षा कर्मी ने
डाक्टर पर राइफल तान दी और बाद में उनके साथ मारपीट की। इस दौरान डाक्टर की
शर्ट फट गई। जानकारी होने पर अन्य डाक्टर और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। तब
तक सपा नेता समर्थकों एवं मरीज को लेकर वहां
से चले गए। चिकित्सक के साथ
मारपीट के मामले को लेकर अन्य चिकित्सकों एवं चिकित्साकर्मियों ने हड़ताल
का ऐलान कर दिया। मरीजों को बाहर निकाल कर ओपीडी का गेट बंद कर दिया गया।
वे सपा नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। मामले की सूचना पर सीएमओ
डा. राकेश कुमार, एसडीएम सदर सुनील वर्मा, सीओ सिटी योगेश कुमार फार्स के
साथ पहुंचे। अफसरों से डाक्टरों ने साफ कहा कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी
नहीं होगी, वह हड़ताल पर रहेंगे। सीओ और एसडीएम ने आला अधिकारियों से
वार्ता करने के बाद सपा नेता एके राठौर की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके
बाद करीब दो घंटे बाद हड़ताल खत्म हुई। डा. राजेश तिवारी की तहरीर पर एके
राठौर और 8-10 अज्ञात के खिलाफ
मारपीट, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी,
सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ ही मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत
रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
दो समाजसेवियों को दलाल बताकर पीटा
हड़ताल
के दौरान दो समाजसेवी मरीजों को लेकर अस्पताल पहुंचे। इनकी डाक्टरों,
कर्मचारियों से नोकझोंक हो गई। इस दौरान कर्मचारियों ने इनके साथ मारपीट कर
दी। डा. तिवारी के साथ मारपीट के बाद लोहिया के स्टाफ ने हड़ताल कर दी।
तभी समाजसेवी धीरेंद्र सिंह फौजी और बाबू सिंह कुशवाहा मरीजों को दिखाने के
लिए पहुंचे। डाक्टर ने हड़ताल के चलते
देखने से मना कर दिया। इसको लेकर
धीरेंद्र और बाबू सिंह के साथ आए मरीज हो हल्ला करने लगे। मरीजों ने
डाक्टरों के खिलाफ नारेबाजी कर दी। कर्मचारी भी नारेबाजी करने लगे। इस बीच
बाबू सिंह की कर्मचारी ने हाथापाई हो गई। इन्होंने बाहर आकर नारेबाजी की।
सीएमएस के कक्ष में शहर कोतवाल आरपी यादव, सीएमओ डा. राकेश कुमार, सीएमएस
डा.
रतन कुमार के अलावा अन्य डाक्टर भी मौजूद थे। यहां धीरेंद्र को बुलाया
गया। डाक्टरों उन्हें मरीजों का दलाल बता दिया। उसी समय कर्मचारी आक्रोशित
हो गए और धीरेंद्र को पीटने लगे। पुलिस ने इन्हें बचाने का प्रयास किया।
इसके बाद भी कर्मचारी नहीं माने। किसी प्रकार पुलिस ने धीरेंद्र सिंह को
अस्पताल से बाहर निकाला।
सीएमओ ने माना प्राइवेट अस्पताल के घूमते हैं दलाल
मारपीट
की जानकारी पर सीएमओ डा. राकेश कु मार आ गए थे। यहां सीएमओ ने कहा कि इस
अस्पताल से अच्छा आसपास जिले में कोई अस्पताल नहीं है। आवास विकास कालोनी
में बड़ी तादाद में प्राइवेट अस्पताल खुल गए हैं। यहां पर पूरे दिन इनके
दलाल घूमते नजर आते हैं। सीएमओ से डा. राजेश तिवारी ने कहा कि धीरेंद्र
सिंह फौजी और बाबू सिंह भी
दलाली करते हैं। अस्पताल का ऐसा कोई भी डाक्टर
नहीं है जिसे दलालों के बारे में जानकारी नहीं है। उनके सामने से ही दलाल
इमरजेंसी से मरीजों को प्राइवेट अस्पताल ले जाते हैं। सीएमओ ने माना कि
दलालों के कारण ही लोहिया अस्पताल की ऐसी हालत हो गई है।
एसडीएम, सीओ ने देखे सीसीटीवी फुटेज
एसडीएम
सदर सुनील वर्मा, सीओ सिटी योगेश कुमार, सीएमओ डाक्टर राकेश कुमार ने
सीएमएस के आफिस में लगे सीसीटीवी फुटेज देखे। इनमें भीड़भाड़ दिखाई दे रही
थी। मारपीट के सीन नहीं थे। डाक्टरों ने कहा कि कैमरा इजरजेंसी कक्ष के
बाहर लगा है। अंदर लगा होने पर तस्वीरें साफ दिखाई देतीं।