मासूम के साथ दुष्कर्म के आरोपी बेटे से उसके पिता ने नाता तोड़ लिया है। पिता ने कहा कि ऐसे बेटे को फांसी की सजा भी हो जाए तो उसे कोई गम नहीं होगा। वह अपने बेटे को फांसी की सजा दिलाने के लिए पीड़ित पक्ष की पूरी मदद करेंगे। वहीं दुष्कर्म कर हत्या करने के आरोपी ने भी पुलिस के सामने अपना जुर्म स्वीकार किया है।
20 अप्रैल को गांव खुदागंज में नाबालिग बालिका कशिश (7) के साथ रिश्ते के चाचा चाचा विपिन शर्मा ने दुराचार किया और उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस को दिए गए बयान में विपिन शर्मा ने कहा कि वह कानपुर से लौटकर घर आया। इसके बाद उसने अपने चाचा प्रदीप से 500 रुपये मांगे।
चाचा ने 200 रुपये दिए। रुपए ले जाकर उसने फूफा अवधेश शर्मा निवासी करुआपुर थाना शमसाबाद के साथ शराब पी और इसके बाद वह घर आया तो कशिश उसे खेलती मिली। टॉफी दिलाने के बहाने वह कशिश को दुकान पर ले गया और कोआपरेटिव के खंडहर में ले जाकर दुराचार किया और मौत के घाट उतार दिया।
बेटे के जुर्म करने पर पिता सुभाष सिंह ने कहा कि जिसने खूनी रिश्तों को तार-तार कर बालिका के साथ हैवानियत के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। ऐसे बेटे को यदि फांसी लगा दी जाए तो उसे गम नहीं होगा। उसने कहा कि उसने अपने बेटे से संबंध हमेशा के लिए समाप्त कर लिए हैं।
लगभग यही कहना उसके अन्य परिजनों का है। परिजनों का कहना है कि विपिन ने जो कृत्य किया है। वह निश्चित ही मृत्युदंड के योग्य है। उसे फांसी की सजा दिलाने में वह लोग पूरा सहयोग करेंगे।