पट्टे की जमीन पर कब्जे के विवाद शुक्रवार की रात आश्रम पर खाना खा रहे
साधु की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने अधिवक्ता समेत तीन लोगों के
खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसओ ने बताया कि पोस्टमार्टम
रिपोर्ट के बाद मामले को हत्या में तरमीम कर लिया जाएगा।
थाना मऊदरवाजा
इलाकेे के गांव टिमरुआ निवासी साधु रामेश्वरदयाल उर्फ ओमानंद का आश्रम
पिपरगांव रायपुर संपर्क मार्ग पर है। यह 45 साल से सरकारी जमीन पर बना है।
रामेश्वरदयाल ने आश्रम पर शिवमंदिर भी बना लिया था। यहां गांव के लोग भी
पूजा करने के लिए आते हैं। शुक्रवार की रात साधु का बेटा शिवकुमार आश्रम पर
खाना देने गया था। साधु खाना खाने लगे। उसी समय गांव के ही अधिवक्ता सुनील
कुमार, उनके भाई अनिल व विमल अपने हाथों में असलहे
लेकर आश्रम पहुंचे।
इन्होंने साधु पर असलहों से फायर झोंक दिया। गोली साधु के सीने के पास लगी।
इससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। शिवकुमार के चीखने पर आरोपी इन पर भी
हमलावर हो गए। शिवकुमार ने यहां से भाग कर जान बचाई। वारदात को अंजाम देने
के बाद हमलावर भाग गए। कुछ समय बाद शिवकुमार गांव के लोगों के साथ मौके पर
पहुंचा तो पिता खून से लथपथ पड़े थे। वह पिता को लेकरथाने पहुंचा। यहां से
पुलिस ने घायल को लोहिया अस्पताल में भर्ती करा
दिया। शिवकुमार की तहरीर पर
पुलिस ने अधिवक्ता और इनके भाइयों के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज
कर ली। इलाज के दौरान देर रात रामेश्वर दयाल की मौत हो गई। मौत की खबर पर
परिजनों में कोहराम मच गया। रात में ही एसओ सुनील यादव ने परिजनों से घटना
की जानकारी ली। पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एसओ ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद घटना को हत्या में
तरमीम कर लिया जाएगा। शिवकुमार ने बताया कि सरकारी जमीन पर आश्रम बना हुआ
है। आरोपी सुनील के पिता सुरेशचंद्र प्रधान रह चुके हैं। उन्होंने अपने
कार्यकाल में बेटे सुनील के नाम चार बीघा सरकारी जमीन पट्टे पर दे दी थी।
इस पर पहले से ही आश्रम बना हुआ था। इसकी जानकारी होने पर रामेश्वरदयाल ने
पट्टा निरस्तीकरण के लिए मुकदमा डाल दिया। इसकी वह परैवी कर रहे थे। इसी
रंजिश को लेकर पिता की हत्या की गई।
एसडीएम कोर्ट में भी हो चुकी मारपीट
शिव
कुमार ने बताया कि 13 मई को वह इसी मुकदमे की परैवी में एसडीएम कोर्ट में
गया था। वहां पहले से मौजूद अधिवक्ता सुनील और इनके साथियों ने उसकी पिटाई
की थी। इसकी शिकायत अफसरों से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे
इनके हौसले बुलंद हो गए। बताया कि आरोपी आए दिन जानमाल की धमकी देते रहते
हैं। अगर पुलिस उसी समय इनके खिलाफ कार्रवाई करती तो पिता की जान नहीं
जाती।