दीवानी न्यायालय की सदर हवालात में बंदियों की सुरक्षा में तैनात सिपाही की
वकीलों ने पिटाई कर दी। इसके पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। सूचना पर
सीओ सिटी और आरआई लाइन पुलिस बल के साथ कचहरी पहुंचे। हमलावरों को पकड़ने
की योजना बनाई। इसके बाद बत बिगड़ने की आशंका से पुलिस बल लौट गया। पीड़ित
सिपाही ने सात वकीलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें दो को नामजद
किया गया है। सोमवार को दीवानी न्यायालय की सदर हवालात में 46 बंदी जेल
से
अदालत में पेशी के लिए लाए गए थे। इनकी सुरक्षा में सात सिपाही, दो
एचसीपी लगाए गए थे। करीब 10 बजे हवालात के पास बंदियों की सुरक्षा में बैठे
सिपाही हरगोविंद का एक वकील से विवाद हो गया। कहासुनी बढ़ने पर वकीलों ने
सिपाही को पीटना शुरू कर दिया। इस पर वहां तैनात अन्य पुलिस कर्मियों में
हड़कंप मच गया। वह बीच बचाव करने लगे। इस दौरान हवालात प्रभारी चरन सिंह के
साथ भी धक्कामुक्की कर दी गई। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ सिटी योगेश
कुमार और आरआई
लाइन सुरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ हवालात पहुंचे। इन्होंने
सिपाही से घटना की जानकारी की। हमलावर वकील को पकड़ने की योजना बनाई लेकिन
वकीलों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस बैरंग लौट गई। पीड़ित
सिपाही ने फतेहगढ़ कोतवाली में अधिवक्ता सुभाष सोमवंशी, अरविंद वर्मा
निवासी सीढ़े चकरपुर थाना राजेपुर और पांच अज्ञात वकीलों के खिलाफ सरकारी
कार्य में बाधा व मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। तहरीर में कहा गया
कि थाना राजेपुर में तैनाती के दौरान सुभाष सोमवंशी
को एक विवाद में पकड़ा
था। इसी रंजिश में उसके साथ मारपीट की गई। हवालात प्रभारी चरन सिंह का कहना
है कि वह बंदियों के वारंट देख रहे थे। अचानक वकील आए और सिपाही के साथ
मारपीट कर दी। बीच बचाव करने में उनसे भी धक्कामुक्की हो गई। वहीं
अधिवक्ता सुभाष सोमवंशी का कहना है कि हवालात में एक बंदी से मिलने गए थे।
सिपाही ने बंदी से मिलने से रोक दिया। वकील होने की बात कही तो सिपाही ने
कहा कि थाना राजेपुर में हवालात में बंद किया था,
वह भूल गए हो। साथी
वकीलों ने इसका विरोध किया। सिपाही अभद्रता करने लगा। इसी कारण कहासुनी हुई
थी, मारपीट किसी सिपाही के साथ नहीं की गई है।