हवालात के बाहर बैठा बंदी बूटी उर्फ विक्की।
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दीवानी न्यायालय की सदर हवालात में पेशी पर आए बंदी ने हवालात के अंदर हाथ की कलाई काट ली। कलाई से खून टपकता देख अन्य बंदियों ने हवालात में हंगामा करना शुरू कर दिया। सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने बंदी को बाहर निकाला और बाइक से लोहिया अस्पताल लाकर भर्ती कराया। बंदियों ने एक सिपाही से विवाद होने का आरोप लगाया है।
शहर कोतवाली के गांव सातनपुर भोपतपट्टी निवासी बूटी उर्फ विक्की पुत्र विनोद कुमार जानलेवा हमला, चोरी और गैंगस्टर मुकदमे के आरोप में जिला जेल में निरुद्ध चल रहा है। शनिवार को बूटी के साथ जिला जेल से 49 बंदी हवालात लाए गए थे। अदालत में पेशी के बाद बंदी को दोपहर में हवालात में बंद किया गया। हवालात के अन्य बंदियों का कहना था कि बंद करने के दौरान एक सिपाही ने बूटी से रुपये मांगे थे। बंदी ने देने से इनकार दिया। इससे सिपाही और बूटी में विवाद हो गया था। इस कारण उसके सिर में भी चोट लग गई। बंदी ने हवालात के अंदर हाथ की कलाई काट ली।
हवालात प्रभारी अमित विक्रम ने बताया कि पुलिस कर्मी द्वारा रुपये मांगे जाने का आरोप गलत है। बंदी की जमानत नहीं हुई और उसके परिजन मुलाकात करने नहीं आते हैं। इस कारण वह कई महीनों से परेशान है। इसी परेशानी के कारण उसने अपने हाथ की कलाई काट ली। कलाई ब्लेड से काटी गई है। अदालत में पेशी के बाद हवालात लौटते समय रास्ते में किसी दुकान से बंदी ने ब्लेड खरीद लिया होगा। सीओ सिटी योगेश कुमार ने बताया कि इस घटना की जानकारी नहीं मिली है। इस संबंध में हवालात प्रभारी से जानकारी की जाएगी।