बोलेरो सवार हमलावरों ने रोडवेज वर्कशाप में घुस कर बस चालकों समेत चार
कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। आरोप है कि हमलावर चालकों से नगदी भी
लूट ले गए। घटना के पीछे बोलेरो में कट लग जाने का विवाद बताया गया है।
जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने आधा दर्जन हमलावरों को पकड़ कर छोड़ दिया।
इस पर रोडवेज कर्मचारियों ने कोतवाली में जमकर हंगामा किया। इसके बाद
पुलिस ने घायलों को मेडिकल के लिए भेजा।
थाना राजेपुर के गांव गांधी
निवासी रजनीश मनोहर तिवारी फर्रुखाबाद डिपो में बस चालक है। शनिवार की रात
को वह यात्रियों को आगरा से लेकर फर्रुखाबाद पहुंचा। इसके बाद बस फतेहगढ़
वर्कशाप में खड़ी कर दी। यहां वह अपने अन्य साथियों के साथ बातचीत करने
लगा। तभी रात करीब 10 बजे बोलेरो पर सवार हमलावर वर्कशाप में पहुंचे।
इन्होंने गाड़ी से उतरते ही रजनीश को पकड़ कर लात-घूसों से पीटना शुरू कर
दिया।
दिल्ली डिपो के बस चालक जितेंद्र सिंह गौतम ने विरोध किया तो
हमलावरों ने इन्हें भी पीटा। इसके बाद हमलावरों ने यहां पर मौजूद कर्मचारी
लाखन सिंह और श्यामवीर सिंह को भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। घटना की जानकारी
कर्मचारियों ने मोबाइल से एआरएम संजीव यादव को दी। एआरएम ने पुलिस अफसरों
को सूचित किया। इधर, कर्मचारियों ने मुख्य गेट बंद कर दिया। कुछ ही देर में
फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस मौके पर जा पहुंच गई। पुलिस को देखकर कुछ हमलावर
छोटे गेट से फरार हो गए।
यहां से पुलिस ने छह लोगों को पकड़ कर कोतवाली भेज
दिया। पुलिस ने गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया। लाखन सिंह ने मामले की
तहरीर कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने रात को कर्मचारियों को समझा बुझा कर
टरका दिया। दूसरे दिन भी जब रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो काफी संख्या में
कर्मचारी फतेहगढ़ कोतवाली जा पहुंचे। इन्होंने हंगामा किया। तब कहीं जाकर
पुलिस ने घायलों को
लोहिया अस्पताल में मेडिकल के लिए भेजा। रजनीश मनोहर
तिवारी ने बताया कि हमलावर उनकसे 1360 और जितेंद्र से 5700 रुपये लूट ले
गए। रजनीश ने बताया कि पकड़े गए हमलावर जहानगंज क्षेत्र के थे। वह लोग शराब
के नशे में थे। उनकी गाड़ी में किसी वाहन में कट लग गया था। इसी विवाद में
घटना को अंजाम दिया गया।