जिला जेल में मंगलवार को एक निरुद्ध बंदी बैरक के पास एक पेड़ पर चढ़ गया
और आत्महत्या की धमकी देने लगा। बंदी हवालात में हुई मारपीट में दोषियों पर
कार्रवाई की मांग कर रहा था। एक घंटे तक जेल के अफसर उसे मानते रहे। आखिर
जेलर ने जब कार्रवाई का भरोसा दिया तब वह नीचे उतरा।
थाना नवाबगंज के
गांव नगला झब्ब निवासी सर्वेश कुुमार जिला जेल में निरुद्ध है। सोमवार को
वह पेशी पर कचहरी गया था। उसके साथ अन्य बंदी भी थे। इन्होंने उसके साथ
मारपीट कर दी थी। सर्वेश ने मारपीट करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
अधिकारियों और फिर जेल प्रशासन ने भी सर्वेश की मांग को अनसुना कर दिया।
मंगलवार को सर्वेश जेल में बैरक से निकला और सुरक्षा इंतजामों को धता बताकर
पेड़ पर चढ़कर चिल्लाने लगा। इससे जेल प्रशासन की सांसें अटकने लगीं।
कार्यवाहक
जेलर राजेश कुमार केे साथ ही बंदी रक्षक पेड़ के नीचे पहुंच गए।
वे सभी सर्वेश को नीचे उतरने के लिए मनाने लगे लेकिन वह मारपीट करने वालों
पर कार्रवाई की मांग पर अड़ा रहा। कार्रवाई नहीं होने पर आत्महत्या की धमकी
देने लगा। उसका कहना था कि जेल में आए दिन बंदियों से मारपीट की जाती है।
इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। जेलर ने कार्रवाई का
आश्वासन दिया। करीब
एक घंटे के ड्रामा के बाद सर्वेश को पेड़ से उतारा गया। जेलर ने बताया कि
सर्वेश पर दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पेशी के दौरान बंदियों ने उसके
साथ मारपीट कर दी थी। इससे वह आहत था। मालूम हो कि जिला जेल में इस समय
बंदियों पर अंकुश नहीं है। यहां पर शासन ने अभी तक जेल अधीक्षक की तैनाती
नहीं की है।