दो पक्षों में झगड़ा होता देख बीच बचाव करने पहुंचे किसान नेता समेत तीन को
पुलिस ने पकड़ लिया। आरोप है कि इनके साथ चौकी में मारपीट की गई। किसान
नेता ने आरोप लगाया है कि चौकी प्रभारी ने चौकी में खड़े पेड़ से बांध कर
तीनों लोगों की पिटाई की। वही दूसरे पक्ष ने एसपी को पत्र भेज कर कार्रवाई
की मांग की है। पुलिस ने पकड़े गए तीनों लोगों का शांतिभंग में चालान कर
दिया है।
मोहल्ला बढ़पुर निवासी श्रीकृष्ण दिवाकर और रजत कठेरिया के
बीच रविवार की शाम पुराने विवाद को लेकर झगड़ा हो गया। दोनों में मारपीट
होते देख मोहल्ले के टिकैत गुट के किसान नेता अनुपम कठेरिया बीच बचाव करने
लगे। श्रीकृष्ण ने इसकी शिकायत चौकी पुलिस से की। पुलिस मौके पर पहुंच कर
अनुपम कठेरिया, रजत, विक्रम कठेरिया को हिरासत में लेकर चौकी
लाई। चौकी
प्रभारी डीसी कुमार ने तीनों का शांतिभंग में चालान कर दिया। अनुपम कठेरिया
ने चौकी प्रभारी पर आरोप लगाया कि उन्होंने चौकी में खड़े पेड़ से बांध कर
उसकी, रजत व विक्रम की पिटाई की है। बताया कि वह टिकैत गुट संगठन में
बढ़पुर ब्लाक अध्यक्ष है। कुछ समय पहले उसने चौकी प्रभारी की डीएम से
शिकायत की थी। इसी रंजिश के चलते उसके साथ मारपीट की गई। उसने बताया कि
घटना की जानकारी यूनियन अध्यक्ष को दी जाएगी।
उधर, श्रीकृष्ण ने सोमवार
को एसपी दिनेश कुमार पी को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। श्रीकृष्ण ने
बताया कि अनुपम, रजत आएदिन घर के बाहर आकर गालीगलौज करते है। इसका विरोध
करने पर मारपीट करने लगते है। रविवार की शाम आरोपियों ने उसके साथ मारपीट
कर दी। विरोध करने पर तमंचा निकाल कर जान से मारने की धमकी दी। एसपी ने शहर
कोतवाल को कार्रवाई के आदेश दिए है। उधर, इस संबंध में चौकी प्रभारी
डीसी कुमार ने बताया कि मारपीट की सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे थे।
किसान नेता और इनके दो साथियों को गिरफ्तार भेज दिया था। इनका आरोप गलत है।
उन्होंने किसी के साथ मारपीट नहीं की।