जरारी गांव में छापेमारी के दौरान मौजूद एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह, सीओ व अन्य।
- फोटो : amar ujala
प्रदेश सरकार के आदेश के बाद जरारी गांव में पुलिस ने अवैध बूचड़खानों की तलाश में छापेमारी की। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति की जानकारी नहीं होने पर पुलिस ने घरों में छापेमारी की। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अवैध बूचड़खानों को बंद कराने के लिए एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह और सीओ मोहम्मदाबाद उमेश शर्मा के नेतृत्व में जरारी में छापामारी की गई। जरारी पहुंचकर काफी देर तक थाना पुलिस अनजान बनकर खड़ी रही। पुलिस को नही पता था कि कहां कहां अवैध बूचड़खाने हैं।
इस पर सीओ मोहम्मदाबाद ने प्रभारी एसओ वाईपी सिंह को फटकार लगाई। कहा कि क्षेत्र में चर्चित गांव होने के बाद भी उसकी भौगोलिक स्थित की जानकारी क्यों नहीं है। इसके बाद पुलिस और प्रशासन जरारी की अनजानी गलियों में घुस गई। इसके बाद पुलिस ने कुछ घरों की तलाशी ली। इस दौरान पुलिस को कोई भी सफलता हाथ नहीं लगी।
कई घंटे तक छानबीन करने के बाद पुलिस बैरंग लौट आई। इदरीश के घर की तलाशी के दौरान घर में मौजूद महिला की एसडीएम व सीओ से नोकझोंक भी हुई। पुलिस को यहां दीवारों में खूटियां मिलीं। हाल में गड्ढों को सीमेंट से भरा गया था। कई जगह पुलिस को नमक की बोरियां रखी मिलीं। इस मौके पर कमालगंज, फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस, जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. पुष्प कुमार, क्यूआरटी, पीएसी बल मौजूद रहा।