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पल्लेदार की मौत, परिजनों ने हाइवे पर लगाया जाम

Sun, 22 Oct 2017 11:44 PM IST
farrukhabad
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मार्ग दुर्घटना के बाद इटावा बरेली हाई वे पर जाम लगाए ग्रामीण। - फोटो : amar ujala
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साइकिल से दवा लेने जा रहे पल्लेदार को बोलेरो ने टक्कर मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बेकाबू बोलेरो बिजली के पोल को तोड़ते हुए गड्ढे में घुस गई। जानकारी होने पर परिजनों और ग्रामीणों ने इटावा-बरेली हाईवे पर जाम लगा दिया। ये लोग मुआवजे की मांग कर रहे थे। बाद में सपा नेता और अफसरों के आश्वासन पर तीन घंटे बाद जाम खुल सका।
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शहर कोतवाली के गांव गढ़िया ढिलावल निवासी मुकेश सक्सेना (40) पुत्र भानचंद्र पीसीएफ गोदाम में पल्लेदारी करता था। तबियत खराब होने पर रविवार को वह साइकिल से इटावा-बरेली हाईवे पर शारदा कोल्ड स्टोरेज के पास डॉक्टर से दवा लेने घर से निकाला था। कोल्ड स्टोरेज के पास सड़क पार कर रहा था कि मोहम्मदाबाद की ओर से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो के चालक ने साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। मुकेश की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद बेकाबू हुई बोलेरो ट्यूबवेल की हौदिया और बिजली के पोल को तोड़ती हुई गड्ढे में जा घुसी। चालक वाहन छोड़ कर भाग गया। पल्लेदार की मौत की खबर पर परिवार के अलावा काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने घटनास्थल पर इटावा-बरेली हाइवे पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर कोतवाल अनूप निगम मौके पर पहुंचे। कोतवाल ने शव को हटवाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों की उनसे नोकझोंक हो गई। ग्रामीणों के आक्रोश को देखकर कोतवाल ने आला अफसरोें को सूचना दी।

एसडीएम सदर अजीत सिंह, एएसपी त्रिभुवन सिंह और फतेहगढ़ कोतवाल दधिबल तिवारी मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने भी जाम को खुलवाने का प्रयास किया। ग्रामीणों का कहना था कि मुकेश पल्लेदारी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। जाम की सूचना पर सपा नेता दृगपाल सिंह यादव उर्फ बॉबी भी आ गए। सपा नेता ने 51 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि सरकार की ओर से जो भी मदद होगी मृतक के परिजनों को दिलाई जाएगी। इसके बाद लोगों ने तीन घंटे बाद जाम खोला। पुलिस आनन फानन में शव पोस्टमार्टम ले गई। जाम लगाने से हाईवे पर दोनों तरफ लंबी लंबी वाहनों की कतारें लग गई थीं।
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