जिले में फैल रहे खसरा को लोग छोटी माता कहकर इलाज नहीं करा रहे हैं। गांव हरसिंगपुर गोवा में गंगाराम के भाई पप्पू समेत करीब 12 लोग बीमार हैं। इसके बाद भी ये लोग छोटी और बड़ी माता कहकर इलाज नहीं करा रहे हैं। गंगाराम का कहना है कि उनके भाई पप्पू के शरीर में बड़े-बड़े छाले उभर आए हैं। इसी तरह गांव के सर्वेंद्र और ताराचंद्र समेत 12 लोग बीमार हैं।
ग्राम बहबलापुर में भी खसरे से कई लोग बीमार हैं। वहीं जिले के हर गांव में चेचक निकलने की अफवाहें जोर पकड़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस संबंध में वरिष्ठ फिजीशियन एवं सेवानिवृत्त डिप्टी सीएमओ डा. केएम द्विवेदी ने बताया कि बड़ी चेचक का उन्मूलन हो चुका है और छोटी चेचक की शुरूआत किसी भी जिले में नहीं हुई है।
डा. द्विवेदी ने बताया कि लोग अक्सर यह भ्रम पाल लेते हैं कि छोटी माता निकल आई हैं और इसके बाद वह उपचार नहीं कराते हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित व्यक्ति को निमोनिया होने का खतरा बना रहता है। निमोनिया होने के बाद उस व्यक्ति को ठीक कर पाना मुश्किल होता है। डा. द्विवेदी ने कहा कि ऐसे रोगियों को तत्काल प्रभाव से कुशल चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए और उसका उपचार कराना चाहिए।