फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस मुठभेड़ में अपहृत छुड़ाया

Sun, 21 Dec 2014 11:32 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कायमगंज। दस दिन पहले लापता हुए युवकों को पुलिस ने नाटकीय ढंग से बरामद कर लिया। इस आपरेशन के दौरान पुलिस टीम की बदमाशों से मुठभेड़ भी हुई। इन युवकों में से ही एक (ट्रैक्टर चालक) ने दूसरे के अपहरण का नाटक रचा था।  पुलिस और एसओजी ने कटरी में आठ फ ीट गहरे गड्ढे से जंजीरों में जकड़े अपहृत बालू कारोबारी को बरामद कि या। ट्रैक्टर चालक सहित चार अन्य को हिरासत में लिया है।
विज्ञापन


11 दिसंबर को तुर्कललैया के पास मूसेपुर निवासी कुंअरपाल पुत्र सियाराम लोधी और तुर्कललैया निवासी सलमान पुत्र छेदा खां लापता हो गए थे। यह दोेनों ट्रैक्टर में लदी बालू अमलैया मुकेरी में उतार कर लौट रहे थे। ट्रैक्टर सुबह गन्ने के खेत में खड़ा मिला था। दो दिन पहले अपहर्ताओं की ओर से छेदा खां को दस लाख रुपये  की फिरौती का पत्र मिला था। इसकी जानकारी पर पुलिस ने सलमान का मोबाइल सर्विलांस पर लगा दिया। बदमाशों ने उसके मोबाइल मेें अपना सिम डालकर बात शुरू कर दी थी।

पुलिस और एसओजी ने छेदा खां से अपहर्ताओं से बात करने को कहा। छेदा खां ने अपहर्ताओं से 50 हजार रुपये दे पाने की बात कही। इस पर पर हंसापुर गौराई निवासी सिपाहीलाल शनिवार को उससे पैसे लेने आया। पपड़ी व हंसापुर गौराई गांव के बीच छेदा के पैसे देते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसके बाद कथित रूप से अपहृत मूसेपुर निवासी कुंअरपाल के भाई प्रेमपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। उसने पूरा मामला उगल दिया।  बताया कि सलमान का पिता छेदा 22 लाख रुपये की जमीन खरीदने का जिक्र करता था। इसी से उन्होंने सलमान के अपहरण की योजना बनाई।
विज्ञापन


  सख्ती पर प्रेमपाल और सिपाही लाल रविवार सुबह पुलिस के साथ बल्लूबेहटा के पास स्थित नईबस्ती गांव के पास पहुंचे। पुलिस को देखते ही पकड़ की रखवाली कर रहे ओमकार, राजू, जितेंद्र और प्रेमपाल के भांजे सरजीत ने फायरिंग  शुरू कर दी। पुलिस ने ओमकार, जितेंद्र और कुंअरपाल को पकड़ लिया। तभी एसओजी का एक सिपाही गड्ढे में गिर पड़ा।

जब बाकी सिपाही उसे निकालने का प्रयास कर रहे थे तभी बचाआ-बचाओ की आवाज आई। पुलिस ने गड्ढे में जाकर देखा तो पतेल के बीच सलमान जंजीरों से जकड़ा पड़ा था। पुलिस ने उसे छुड़ाया। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी मेघनाथ सिंह ने बताया कि दूसरे कथित अपहृत कुंअरपाल सहित प्रेमपाल, ओमकार, जितेंद्र और सिपाही लाल को हिरासत में लिया गया है।

इनसे एक इकनाली देशी बंदूक और दो तमंचे बरामद हुए हैं। सरजीत, रामकिशोर और राजू भागने में कामयाब हो गए। दोपहर बाद एसपी विजय कु मार यादव ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने इस अभियान में जुटे एसओजी प्रभारी ब्रजेश यादव, उपनिरीक्षक मेघनाथ सिंह, रविंद्र सिंह, अवधेश यादव, सुनील, शादाब की पीठ थपथपाई।

ऐसे अंजाम दी वारदात
प्रेमपाल ने बताया कि घटना की रात वह, कुंअरपाल और चालक जितेंद्र ट्रैक्टर लेकर हंसापुर गोराई तक आए। यहां से उन्होंने सिपाही लाल, राजू पुत्र भगवान सिंह  और ओमकार पुत्र चेतराम को साथ लिया। सिपाही लाल और ओमकार बाइक से गए थे। तुर्कललैया से पहले ही सभी एक बाग में रुक गए।

कुंअरपाल को ट्रैक्टर लेकर सलमान के पास भेज दिया। जब यह लौट रहे थे तभी सभी ने ट्रैक्टर रोक कर सलमान को तमंचे की बट मार दी।  उसकी आंखों पर पट्टी बांध कर मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गए। दस दिन तक प्रेमपाल रोज पुलिस के चक्कर काट कर भाई को मुक्त कराने की गुहार का नाटक करता रहा।

पिता के बड़बोलेपन से हुई मुसीबत
बेटे के  ससुर की खरीदी जमीन को छेदा खां अपनी बताकर रौब गालिब करते थेे। वह जहां तहां कुर्मी बाहुल्य क्षेत्र में कुर्मियों की जमीन भी खरीदने की बात किया करता थे। अपहरण के  मास्टर माइंड प्रेमपाल ने भी छेदा की बाताें का सुना था। इसी से उसकी नीयत खराब हो गई। इसी से उसे बेटे के अपहरण की योजना बना डाली।

कोतवाली में खाया भरपेट खाना
सलमान के कोतवाली आते ही उसके हाथों और पैरों में जंजीरों के निशान देख पिता छेदा खां रोने लगे। सर्दी से कंपकंपाते बेटे को अपने सिर से उतार कर टोपी पहनाई।  बाजार से खाना लाकर उसे खिलाया। सलमान ने बताया कि इन दस दिनों मेें बदमाशों ने उसे सारे दिन में मात्र एक सूखी रोटी देते थे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें