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रिपोर्ट न लिखने पर लगाया जाम

Sat, 29 Apr 2017 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
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जाम लगाए लोगों को समझाते कोतवाल। - फोटो : amar ujala
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तीन दिन पहले चोरी के शक में पीटे गए किशोर की हालत बिगड़ने और आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न करने से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। बाद में सीओ के समझाने व एफआईआर दर्ज हो जाने पर लोग शांत हुए। कासगंज के थाना क्षेत्र सिंकदरपुर वैश्य के गांव लालूपुर निवासी कमल का पुत्र राजीव (13) सिवारा मुकुट थाना कंपिल निवासी नाना बुद्धपाल के यहां चार दिन पूर्व आया था। बुद्धपाल ने बताया गुरुवार को राजीव गांव के ही अंशुल गुप्ता की दुकान से मोबाइल रिचार्ज कूपन लेने गया था।
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कूपन को दुकान पर ही घिसकर मोबाइल रिचार्ज कर रहा था। दुकान मालिक ने उस पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाकर पीटा। उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर थाना कंपिल पहुंचे थे पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद परिजन उसे कायमगंज सीएचसी पहुंचे पर वहां डॉक्टरों ने इलाज नहीं किया। तब राजीव को वापस सिवारा ले आए। यहां उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। शुक्रवार शाम परिजन सीओ नरेश कुमार के पास पहुंचेे। सीओ ने कंपिल पुलिस को मुकदमा लिखने का आदेश किया व सीएचसी के डाक्टर को फोन कर इलाज करने को कहा।

इसके बाद इलाज शुरू हुआ। हालत में सुधार होने पर डॉक्टरों ने राजीव को अस्पताल से छुट्टी दे दी थी। शनिवार को पुन: राजीव की हालत बिगड़ी तो उसे ट्रैक्टर पर रखकर घरवाले कायमगंज आए और टीपी चौराहे पशु चिकित्सालय के पास खड़े हो गए। वहां से गुजर रहे सीओ नरेश कुमार से मुकदमा न लिखने की शिकायत की। धूप में राजीव की हालत और बिगड़ने लगी। जिसे देख सीओ ने राजीव को सीएचसी में भर्ती कराने को कहा। इसी बीच साथ रिपोर्ट न लिखने से साथ में आईं महिलाएं ट्रैक्टर के आगे बैठ गईं व जाम लगा दिया।
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सूचना पाकर कोतवाली प्रभारी दधिबल तिवारी व कंपिल थानाध्यक्ष वीरपाल तोमर मय फोर्स के साथ मौके  पर पहुंच गए। लोगों को शांत कराकर पीड़ित का सीएचसी में उपचार कराया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। आधे घंटे तक जाम लगा रहा। इसमें यूपी 100 गाड़ी, बैंक का कैश वाहन समेत सैकड़ों वाहन फंसे रहे। वहीं डॉ. शिव प्रकाश का कहना है कि किशोर की हालत खतरे से बाहर है। उसे गर्मी की वजह से परेशानी हुई है।

परिजनों की संतुष्टि के लिए उसे लोहिया के लिए रेफर किया गया है।कंपिल थानाध्यक्ष वीरपाल सिंह का कहना है कि आरोप निराधार हैं। तहरीर ही न मिलने के कारण रिपोर्ट नहीं लिखी गई। शनिवार दोपहर तहरीर मिलते ही तत्काल रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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