पिता -पुत्र की हत्या होने की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में
लेने का प्रयास किया तो ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। ग्रामीणों ने दरोगा
के साथ हाथापाई कर दी। ग्रामीणों ने डीएम के आने के बाद ही शव को उठाने की
जिद की। इसकी जानकारी पर सुबह डीएम मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उनसे
आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजा दिलाने की मांग की। डीएम ने आश्वासन देते
हुए मृतकों को परिजनों को सहयोग का भरोसा दिया तब जाकर शव का पंचनामा भरा
गया।
थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया निवासी रामप्रकाश और उसके बेटे माधव
की गोलियाें से भून कर हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलने पर थाना पुलिस
मौके पर पहुंची। इस दौरान मोहम्मदाबाद कोतवाली का फोर्स भी रात में पहुंच
गया। मोहम्मदाबाद के दरोगा ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो
आक्रोशित ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने
दारोगा के साथ
हाथापाई कर दी। यह देखकर वहां पर मौजूद एसओ मुकेश यादव ने जैसे तैसे मामले
को शांत किया। ग्रामीणों ने फोर्स से साफ कहा कि जब तक डीएम एनकेएस चौहान
नहीं आएंगे। तब तक शव नहीं उठने दिया जाएगा। घटना की जानकारी पर एसपी विजय
यादव ने डीएम से मोबाइल पर घटना की जानकारी दी। सुबह डीएम गांव पहुंचे।
ग्रामीणों ने हमलावरों की गिरफ्तारी के साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजा
देने की बात कही। परिजनों ने शस्त्र
लाइसेंस दिए जाने की भी मांग की। इस
दौरान अमृतपुर के विधायक नरेंद्र सिंह यादव और अलीगंज के विधायक रामेश्वर
सिंह यादव ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। डीएम ने आश्वसन दिया कि
किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। मृतक के परिवार को पांच पांच
लाख दिलाया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से भी परिजनों को
मुआवजा दिलाएगें। उन्होने कहा कि जल्द ही परिजनों को शस्त्र लाइसेंस भी
दिलाया जाएगा।
लापरवाही बरतने पर एसओ हुए सस्पेंड
थाना नवाबगंज के गांव गढ़िया बबना में शुक्रवार की रात हुए दोहरे हत्याकांड
में एसओ मुकेश यादव की लापरवाही होने पर एसपी विजय यादव ने सस्पेंड कर
दिया। एसपी ने बताया कि इस घटना में और कौन कौन दोषी है इसके लिए जांच बैठा
दी है। जांच अधिकारी की रिपोर्ट आने पर अन्य दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ
कार्रवाई की जाएगी।
डाग स्वाक्वाड पहुंचा, खोखा कारतूस बरामद
पिता पुत्र की हत्या की खबर पर जिला मुख्यालय से डाग स्वाक्वाड की टीम
घटना स्थल पर पहुंची। टीम ने वहां पर जाकर कुत्ते को घुमाया लेकिन टीम को
कोई सफलता नहीं मिल पाई। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल से 315 बोर के 8 खोखा
बरामद किए है।
टावर विवाद से शुरू हुआ गैंगवार, सालभर में छह की हत्या
थाना क्षेत्र के बबना में मोबाइल कंपनी के टॉवर को लेकर
शुरू हुआ विवाद अब गैंगवार में बदलता जा रहा है। इस मामले को लेकर सालभर के
अंदर छह लोगों की हत्या की जा चुकी है। एक के बाद एक हो रही हत्या से
दुश्मनी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। इतनी ही नहीं दोनों पक्षों के गवाहों के
बीच भी दुश्मनी का असर साफ दिख रहा है। लंबे समय से गांव में फोर्स
तैनात
रही, लेकिन जैसे ही पुलिस ने पांव पीछे खीचे एक बार फिर ताबड़तोड़ गोलियां
बरसा कर पिता-पुत्र को मौत के घाट उतार दिया गया। इससे गांव में दहशत का
माहौल है। थाना मेरापुर के गांव नौली निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य
कुंवरपाल सिंह यादव 11 जुलाई 2014 को गांव बबना आए थे। वह टावर विवाद को
लेकर दो पक्षों में समझौता करा रहे थे, तभी गोली मार कर उनकी हत्या कर दी
गई। मृतक के भाई रामपाल ने बबना गांव के अंकित, अतुल और इनके पिता
शिवपाल
सिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस घटना में वीरेंद्र सिंह
पुत्र रामप्रकाश गवाह थे। कुंवरपाल की हत्या के बाद गांव में तनाव हो गया
था। इसी बीच 39 दिन बाद 20 अगस्त को तीन लोगों को गोलियों से भून दिया गया।
इसमें अंकित के परिवारी श्यामवीर के साथ ही गांव के मुन्ने खां और
अमरुद्दीन की भी जान चली गई। इस हत्याकांड में कुंवरपाल के भाई राजवीर,
रामवीर के साथ ही वीरेंद्र पुत्र रामप्रकाश समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया
गया। यह रिपोर्ट
श्यामवीर के परिवारी भाई डाक्टर अवधेश सिंह ने दर्ज कराई
थी। इस हत्याकांड के बाद 21 अगस्त 2014 को अमर उजाला ने खबर प्रकाशित कर
गैंगवार की आशंका जताई थी। हालात के मद्देनजर गांव में फोर्स तैनात रही,
लेकिन कुछ दिन बाद फोर्स हटा दी गई। ऐसी स्थिति में दोनों पक्ष फिर से
लामबंद रहने लगे और शुक्रवार रात वहीं हुआ, जिसका अंदेशा था। आरोप है कि
सालभर बाद अंकित और उनके साथियों ने कुंवरपाल की हत्या में गवाह बने
वीरेंद्र पुत्र रामप्रकाश के यहां धावा बोल कर रामप्रकाश और उसके बेटे माधव
को गोलियों से भून दिया।
बबना में तैनात पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ का लगा आरोप
दोहरे हत्याकांड से गांव गढ़िया के ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। देखते
ही देखते गांव के लोग मौके पर आ गए। ग्रामीणों ने बबना में तैनात पुलिस
फोर्स पर हमलावरों से सांठगांठ करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का
कहना है कि आरोपियों का पुलिस चौकी पर उठना बैठना था। पुलिस के होते हुए यह
घटना हो गई। आरोप लगाया कि चौकी से मात्र एक किलोमीटर की दूसरी पर घटना
हुई। चौकी पर तैनात पुलिस और पीएसी को हटा कर दूसरे लोगों को तैनात किया
जाए। इसके अलावा
बबना बिजली घर के पास चौकी खोली जाए। अभी आरोपियों के घर
के पास में चौकी है। इस पर डीएम और एसपी ने भरोसा दिया कि यहां पर लगे
पुलिस कर्मियों को बदल कर दूसरे लगाए जाएगें। इसके साथ ही पीएसी के 8 जवान
गांव गढ़िया में तैनात रहेंगे।
लोहिया अस्पताल में फोर्स तैनात
लोहिया अस्पताल में रामप्रकाश का शव आने के बाद किसी प्रकार का कोई बवाल न
हो इसलिए एसपी ने वहां पर भी फोर्स को लगा दिया। यहां पर एसओ कमालगंज
यतेंद्र सिंह, शहर कोतवाल आरपी यादव समेत अन्य फोर्स तैनात रहा।