लोहिया अस्पताल में मेडिकल कराते दरोगा सर्वेश कुमार।
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फर्रुखाबाद। चालानी साक्ष्य के लिए पेशी पर कोर्ट आए दरोगा को वकीलों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। दरोगा कि वर्दी फाड़ डाली। दरोगा ने न्यायालय में घुसकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना पर एसपी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जिला जज और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बातचीत की। दरोगा ने वकीलों के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में जान से मारने, जातिसूचक शब्द कहकर गालीगलौज करने और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है।
कायमगंज कोतवाली की मंडी चौकी में तैनात दरोगा सर्वेश कुमार मुकदमे में साक्ष्य के लिए कचहरी पहुंचा। वह सोमवार को सुबह 11.15 बजे सरकारी वकील शिवपाल सिंह यादव से गवाही के संबंध में बातचीत कर रहा था। आरोप है कि कायमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम चिलौली निवासी वकील कृष्ण गोपाल पाठक व बराबिकू निवासी अनिल यादव अपने साथ 10-15 अन्य वकीलों के साथ आए और मारपीट करने लगे।
दरोगा ने न्यायालय में भागा और किसी तरह जान बचाई। दरोगा का आरोप है कि वकीलों ने मारपीट के साथ ही उसे जातिसूचक गाली दी। सूचना पर पुलिस कप्तान राजेश कृष्ण अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सिंह, एडीजे परवेज अहमद, सीजेएम अनुतोष कुमार शर्मा, सिविल जज राजीव रंजन, कोर्ट मैनेजर मोहम्मद आरिफ ने जिला जज सुरेश कुमार गुप्ता के चेंबर में पहुंचकर वार्ता की।
दरोगा का शहर कोतवाल देवेंद्र शर्मा और मऊदरवाजा एसओ सुनील यादव ने लोहिया में मेडिकल कराया। लोहिया अस्पताल में डॉ. योगेंद्र सिंह ने मेडिकल किया। इसमें दरोगा के दाएं हाथ और बायीं आंख के पास चोटों के निशान मिले है। इसके साथ ही दरोगा ने हेड पेन और चेष्ट पेन बताया।